भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 मई 2025 की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक की। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी।
ऑपरेशन का उद्देश्य और नामकरण
ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम उन महिलाओं के सम्मान में रखा गया, जिनके पति पहलगाम हमले में मारे गए थे। सिंदूर, हिंदू विवाहित महिलाओं के लिए पति की लंबी उम्र का प्रतीक होता है, और इस नाम के माध्यम से उन विधवाओं के दर्द को सम्मानित किया गया है।
लक्षित ठिकाने
भारतीय वायुसेना और सेना ने संयुक्त रूप से निम्नलिखित स्थानों पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया:
बहावलपुर (2 ठिकाने)
मुरीदके
मुजफ्फराबाद
कोटली
गुलपुर
भिंबर
चक अमरू
सियालकोट
इन सभी ठिकानों का संबंध लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से था।
कार्रवाई की प्रकृति
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केंद्रित, मापी हुई और गैर-उग्र थी। किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान या नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया। सिर्फ आतंकी ढांचे पर हमला किया गया, जिससे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान से अधिकतम सैन्य संयम बरतने का आह्वान किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मुझे पता था कि भारत कुछ करेगा।”
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने भारत की कार्रवाई को “युद्ध थोपना” करार दिया और दावा किया कि हमलों में दो मस्जिदें भी प्रभावित हुई हैं। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया कि सभी लक्ष्य आतंकी ठिकाने थे और किसी भी नागरिक या धार्मिक स्थल को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
निष्कर्ष
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति का प्रतीक है। यह कार्रवाई न केवल आतंकियों को चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है।

