मनेंद्रगढ़ में भालू का आतंक, डीएफओ रेंजर पर उदासीनता का आरोप, खतरे में आम लोगों की जान

Chattisgarh News Surajpur

मनेंद्रगढ़ में इन दिनों भालू का आतंक ,स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग की उदासीनता –

मनेंद्रगढ़ शहर इन दिनों भालू सफारी बना हुआ है. आलम ये है कि भालू शहर में विचरण कर रहे हैं और वन विभाग जंगल के अंदर.होता तो यू है कि जानवरों की असली जगह जंगल के अंदर होती है,यदि कोई जानवर भटककर आबादी के करीब आ जाए तो अमूमन वनविभाग उसे वापस उसके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाने का जिम्मा लेती है. लेकिन यदि आप एमसीबी जिले में हैं तो ये भूल जाईए कि यहां वन विभाग नाम की कोई चीज सक्रिय है.

भालू का हो रहा भला
ठंड के मौसम में भालू अक्सर शहरी आबादी के करीब आते हैं,जंगल में खाना खत्म हो चुका रहता है और रही सही कसर जंगल कटाई और अतिक्रमण पूरी करते हैं. भालू छत्तीसगढ़ के जंगलों में पाया जाने वाला एक ऐसा जीव है जो रिहायशी इलाकों के करीब ही अपना क्षेत्र बनाता है.मनेंद्रगढ़ में पिछले दो हफ्तों से मादा भालू अपने दो बच्चों के साथ घूम रही थी. इस बात की जानकारी जनप्रतिनिधियों ने डीएफओ को दी. लेकिन ना तो डीएफओ साहब के कान में जू रेंगी और ना ही उनके विभाग के दूसरे अधिकारियों ने भालू को भगाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए.

मनेंद्रगढ़ में भालू का आतंक
भालू लगातार कर रहा हमला

मनेंद्रगढ़ में पिछले दिनों भालू के हमले से एक शख्स घायल हुआ. जिसका इलाज अस्पताल में जारी है. भालू को पकड़ने के लिए वन विभाग के वन रक्षकों ने डंडा तो पीटा लेकिन उस डंडे की आवाज ठीक ढंग से भालू के कानों तक नहीं पड़ी.अब भालू का हौसला बढ़ चुका है.वो खाने की तलाश में लगातार इंसानी बस्ती की ओर आ रहा है.भालू के साथ उसके दो बच्चे भी हैं,ऐसे में मां का बर्ताव और भी ज्यादा घातक हो जाता है. सोमवार को भालू ने अखबार बांटने वाले युवक पर हमला किया.वक्त रहते युवक को खतरे का अंदेशा हो गया था,लिहाजा वो अपनी जान बचाने में कामयाब रहा.

डीएफओ दफ्तर के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन

भालू के हमले में बचाई अपनी जान

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह लगभग 9 बजे शहर के वार्ड क्रमांक 16 स्थित पूर्व पार्षद शिव नारायण यादव के घर के पास से इंजीनियर बसंत जायसवाल के आवास की ओर तीन भालू तेजी से बढ़ते दिखाई दिए. भालुओं ने अचानक एक अखबार वितरक पर हमला करने की कोशिश की, जिससे वहां हड़कंप मच गया. अपनी जान बचाने के लिए अखबार वितरक को मजबूरन अपनी साइकल वहीं छोड़कर भागना पड़ा और किसी तरह उसने अपनी जान बचाई.

भालू ने बच्चे पर किया हमला

जनप्रतिनिधियों ने घेरा डीएफओ दफ्तर
जनप्रतिनिधियों ने डीएफओ दफ्तर में वन विभाग की उदासीनता को लेकर हंगामा किया. लेकिन जिम्मेदार जवाब देने के बजाय मौके से निकल लिए.इसके बाद पीड़ित ने इस बात की शिकायत थाने में दी.लेकिन थाना क्या करता क्योंकि वन्य जीवों का मामला सिर्फ वन विभाग ही संभाल सकता है.इसलिए वन विभाग के अधिकारियों से बात करने की बात कही गई है.

भालू के हमले में घायल शख्स

डीएफओ पर एफआईआर दर्ज करने की मांग
भालू के हमले को लेकर कांग्रेस नेता एवं स्थानीय वार्ड क्रमांक 15 के लोग थाने पहुंचकर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. सभी की मांग है कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले डीएफओ और रेंजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द ही भालुओं को शहर के बाहर किया जाए,ताकि लोगों की जान बच सके.

हमने पहले भी वन विभाग को भालुओं के बारे में बताया था,हमने ये बताया कि आए दिन भालू वार्ड के अंदर घूम रहे हैं.लेकिन अब तक किसी भी तरह की कोई तैयारी वन विभाग की ओर से दिखाई नहीं दे रही है. वार्ड में बच्चे घूम रहे हैं,कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है- किरण कुजूर,पार्षद

डीएफओ और रेंजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग
वार्ड वासियों का आरोप है कि वन विभाग ने मुनादी नहीं कराई है. जिसके कारण ग्रामीण सतर्क नहीं हो पाए और नुकसान हो रहा है. उन्होंने वन विभाग से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था, मुनादी और भालू को सुरक्षित क्षेत्र में खदेड़ने की मांग की है. वहीं कांग्रेसियों का आरोप है कि रेंजर रामसागर कुर्रे अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझ रहे हैं और भालू के हमले की घटना को नजरअंदाज कर रहे हैं. उन्होंने रेंजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

स्थानीय कांग्रेस के पार्षद स्वपनिल सिन्हा ने बताया कि भालू का पिछले तीन महीने से आतंक पूरे शहर में आतंक मचा हुआ है जनता भयभीत है लोग अपनी दुकानें समय से पहले बंद कर देते हैं. कांग्रेस ने इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन किया, लेकिन किसी के कान में जूं तक नहीं रेंगी. भालू जिस प्रकार हमले पर हमला कर रहा है मौके पर न डीएफओ जा रहे हैं और ना ही रेंजर. उन घायलों को देखने क्षेत्र के विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी नहीं पहुंचे हैं.

बड़े ही शर्म की बात है कि डीएफओ और रेंजर को यहां से नहीं हटाया जा रहा है.ना ही भालू को पकड़ने के लिए कुछ किया जा रहा है. हम लोग आज सभी कांग्रेस पार्टी के लोग यहां मौजूद हैं. डीएफओ और रेंजर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं- स्वपनिल सिन्हा, पार्षद

आपको बता दें कि कांग्रेसियों ने रेंजर कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया और रेंजर की लापरवाही के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर रेंजर अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझते हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. वहीं तहसीलदार ने इस मामले में कहा कि जो आवेदन है वो थाना प्रभारी के नाम से है.

जो ज्ञापन है वो थाना प्रभारी के नाम से है और एफआईआर के संबंध में आवेदन में है. आज सुबह 9 बजे बदनसिंह मोहल्ला में भालुओं के हमले से जो बच्चा घायल हुए है उसका उपचार कराया गया है. ये चाहते हैं कि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई हो -, तहसीलदार

आपको बता दें कि मनेंद्रगढ़ वन परिक्षेत्र में सिर्फ भालू नहीं बल्कि हाथी,लकड़बग्घा और बाघ की भी आमद हो चुकी है. हाथी ने जान माल का नुकसान भी किया है.लेकिन वन विभाग हर बार मुनादी करने और वन्य जीवों को घने जंगल में खदेड़ने की बात कहकर अपना दायित्व निभाना भूल जाता है. थक हारकर अब जनता थाने में जिम्मेदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पहुंची है.लेकिन हकीकत तो ये भी है कि वन्य जीवों के लिए सारी जिम्मेदारी वन विभाग के अफसरों के पास है,ऐसे में पुलिस करे तो क्या करे.

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