तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट तैयार, हो सकती है बड़ी कार्यवाही
ग्राम पंचायत गजाधरपुर का है मामला
सूरजपुर – हर गरीब का सपना पक्का मकान हो अपना l प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए यह स्लोगन को ठेंगा दिखाने में जिम्मेदार कर्मचारी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं l दअरसल ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत सूरजपुर क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम पंचायत गजाधरपुर से निकल कर सामने आ रहा है जहां ग्रामीणों ने रोजगार सहायक पर राशि गबन का एक बड़ा आरोप लगाया है l
जिसको लेकर गजाधरपुर में हड़कंप मच हुआ है l
पूरा मामला जिला मुख्यालय से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत गजाधरपुर का है जहां रोजगार सहायक द्वारा प्रधानमंत्री आवास में मनरेगा के दिए जाने वाले हितग्राही मूलक की राशि को किसी दूसरे के खाते में डालकर उसका आहरण कर लिया गया l जिसके कारण असली हितग्राहियों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है l सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 25 आवास हितग्राहियों के लगभग सवा दो लाख रुपए की हेराफेरी बताई जा रही है l इस वजह से कई हितग्राहियों का आवास निर्माण का काम अधूरा रह गया है l जब ग्रामीणों को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने सरपंच से शिकायत कर ग्राम सभा में इस मामले को रखने की मांग की l इसके बाद जब ग्राम सभा हुआ तो उसमें रोजगार सहायक रवि जायसवाल द्वारा सबके सामने राशि गबन की बात स्वीकारते हुए राशि वापस वापस लौटाने की बात कही गई l
बता दें कि तय तिथि पर रोजगार सहायक ने जब पैसे देने से मना कर दिया तब ग्रामीणों ने सरपंच के माध्यम से इसकी लिखित शिकायत जनपद पंचायत सीईओ से किया गया है l शिकायत के बाद ग्रामीणों ने रोजगार सहायक के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की जा रही है l इधर ग्रामीणों की शिकायत पर जनपद सीईओ ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया l इसके बाद बीते बुधवार को जांच टीम द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रिपोर्ट तैयार कर दी गई है l इस मामले में जब कार्यक्रम अधिकारी जानकारी बात की गई तो उन्होंने बताया कि रोजगार सहायक द्वारा वित्तीय अनियमितता की गई है नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी l गौरतलब है कि रोजगार सहायक द्वारा किए गए हेराफेरी के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध खुलकर सामने दिखाई देने लगा है l







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