शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में रक्तदान पर व्याख्यान सह जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन

Chattisgarh Surajpur

सूरजपुर// शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में रक्तदान पर व्याख्यान सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अमित सिंह बनाफर के अध्यक्षता में कराया गया। कार्यक्रम का आयोजन एवं मंच का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी एवं रेड रिबन नोडल अधिकारी श्रीमती शालिनी शांता कुजूर ने किया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि एक यूनिट रक्तदान से तीन जीवन बचाया जा सकता है क्योंकि इससे लाल रक्त कोशिकाओ ,प्लेटलेट्स और प्लाज्मा जैसे विभिन्न घटकों को अलग किया जा सकता है तथा जरूरतमंदों को दिया जाता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ के सदस्यों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की और बताया कि रक्तदान से न केवल दूसरों का जीवन बचता है बल्कि यह दानकर्ता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है आगे उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि इस प्रकार के सामाजिक एवं मानवीय गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
कुजूर मैडम ने अपनी उद्बोधन में कहा कि सबसे पहले शारीरिक परीक्षण, ब्लड टेस्ट,तथा आपका सरल चिकित्सा इतिहास प्रश्नावली पूछा जाता है। यदि आप इन सभी में फिट पाए गए तभी आपका रक्त लिया जाता है।आप निस्वार्थ भाव से रक्तदान देकर किसी के जीवन को बचाते हैं इससे बड़ा पुण्य और कोई नहीं है। आप जीवन में जब किसी की मदद करते हैं तो यक़ीन मानिए ईश्वर आपकी, आपके परिवार की किसी दूसरे माध्यम से सहायता करेंगे क्योंकि हमारी सेवा यूं ही बेकार नहीं जाती। रक्तदान करने से हमारे शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है जिससे रक्त गाढ़ा नहीं होता और हृदय में दबाव भी काम पड़ता है ,इससे व्यक्ति को हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। रक्तदान से लगभग 650 कैलोरी तक बर्न होती है जिससे हमारा वजन नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। रक्तदान करने के बाद शरीर नए रक्त कोशिकाएं बनने लगता है जिससे मेटाबॉलिज्म सुधरता है। मुफ्त में स्वास्थ्य जांच भी हो जाती है इससे आपकी स्वास्थ्य से संबंधी कई बीमारियों का भी पता चल सकता है। अध्ययनों से यह पता चला है कि जो व्यक्ति बार-बार रक्तदान करते हैं उन्हें लीवर फेफड़े, पेट और गले के कैंसर का खतरा उनमें कम हो जाता है। रक्तदान करने से त्वचा साफ और चमकदार दिखने लगती है संपूर्ण शरीर बनावट में सुधार हो हो सकता है रक्तदाता के शरीर को नई रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करके प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करने में मदद करता है जिस व्यक्ति अधिक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली वाला बनकर शरीर को संक्रमणों और बीमारियों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिलती है। यदि आप रक्तदान करते हैं तो भावनात्मक रूप से संतुष्टि आपको मिलेगी और मानसिक स्वास्थ भी बेहतर होता है इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, एनएसएस स्वयंसेवक, एवं सहायक प्राध्यापक डॉ प्रेमलता एक्का, श्रीमती अंजना, डॉ अजय कुमार तिवारी, भारत श्री भरत लाल कंवर, श्री आशीष कौशिक, डॉ गीता सोनी, श्री जफर, कार्यालय स्टाफ से श्री वीरेंद्र सिंह, श्री ताराचंद्र साहू, श्री अशोक कुमार राजवाड़े, श्री दिनेश लकड़ा, श्री हेमंत नाविक, श्री जयकुमार उपस्थित रहे।

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