छत्तीसगढ़ स्टेट हेड – सुखदेव आजाद
बिलासपुर संभाग जिला रायगढ़
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम तालगांव की रहने वाली गायत्री यादव आज महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल बनकर उभरी हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी जिंदगी में बदलाव लाया, बल्कि आसपास के कई गांवों की महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई है।
गायत्री यादव बताती हैं कि कुछ साल पहले तक उनका जीवन घर की चारदीवारी तक ही सीमित था और गांव की अन्य महिलाओं से भी उनका ज्यादा परिचय नहीं था। वर्ष 2018 में “मां अम्बे” स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में नया मोड़ आया। इसके बाद उन्होंने “देवी मां” ग्राम संगठन और “मां संकुल कापू” के साथ सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया।
उनकी मेहनत और सक्रियता को देखते हुए आज गायत्री यादव महिला ब्लॉक संगठन धरमजयगढ़ में एफएलसीआरपी के रूप में कार्य कर रही हैं। वे क्षेत्र की आठ पंचायतों की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का काम कर रही हैं, जिससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है।
महिलाओं को मिल रहे स्वरोजगार के अवसर
बिहान योजना के तहत मिलने वाले रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश कोष और बैंक लिंकेज की मदद से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। तालगांव और आसपास के क्षेत्रों की महिलाएं अब कपड़ा दुकान, सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय, मत्स्य पालन और खेती जैसे कार्यों से जुड़कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं।
इन गतिविधियों से न केवल महिलाओं की आय बढ़ी है, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
गायत्री यादव का कहना है कि शासन की योजनाओं ने ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं को आगे बढ़ने का नया अवसर दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से अब वनांचल की महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

