13 दिसंबर को आयोजित होगी वर्ष 2025 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत-तैयारियों को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने ली अहमसमीक्षा बैठक

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​सूरजपुर / छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के दिशा-निर्देशानुसार, वर्ष 2025 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आगामी 13 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। इस महाअभियान को सफल बनाने और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की।
​यह बैठक माननीय अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती विनीता वार्नर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लोक अदालत की तैयारियों पर गहन चर्चा की गई।
​दो पालियों में संपन्न हुई समीक्षा बैठक ​लोक अदालत के सफल क्रियान्वयन हेतु यह बैठक दो अलग-अलग पालियों में आयोजित की गई। ​प्रथम पाली में राजस्व व प्रशासनिक अमले के अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए। इस सत्र में अपर कलेक्टर श्री जगरनाथ वर्मा सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (SDM) और कार्यकारी मजिस्ट्रेट (तहसीलदार) शामिल हुए। इसमें राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण पर जोर दिया गया।
​द्वितीय पाली पुलिस अमले के अधिकारी शामिल हुए। दूसरे सत्र में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) श्री प्रशांत कुमार ठाकुर, सभी थाना प्रभारी और यातायात प्रभारी उपस्थित रहे।
​बैठक के मुख्य बिंदु और उद्देश्य
​बैठक के दौरान लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक पक्षकारों को लाभ पहुँचाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर रणनीति तैयार की गई।
​प्रकरणों का चिन्हांकन:- जिला न्यायालय, तालुका न्यायालय, कुटुंब न्यायालय और सभी राजस्व न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों को चिन्हित कर लोक अदालत में रखने के निर्देश दिए गए।
​प्री-लिटिगेशन प्रकरण: मुकदमा शुरू होने से पहले के मामलों (Pre-litigation) पर विशेष जोर दिया गया। इसमें शामिल हैं:
​पारिवारिक विवाद और जमीन संबंधी लड़ाई-झगड़े।
​वित्तीय सेवाओं से जुड़े मामले (बैंक लेनदेन, बिजली बिल, पानी और फोन बिल आदि)।
​जन-जागरूकता: बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि लोक अदालत के फायदे और आयोजन की जानकारी जिले के अंतिम नागरिक तक कैसे पहुंचाई जाए, ताकि ग्रामीण अंचल के लोग भी इसका लाभ उठा सकें।
​लक्ष्य: जिला एवं राज्य शासन के विभागों की निगरानी में वित्तीय सेवाओं से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों में पक्षकारों को इस वर्ष की अंतिम लोक अदालत में अधिकतम राहत प्रदान करना।
​ये रहे उपस्थित
​इस विशेष परिचर्चा और समीक्षा बैठक में न्यायिक, प्रशासनिक और पुलिस विभाग के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक की ​अध्यक्षता श्रीमती विनीता वार्नर (अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश) ने की।
​न्यायिक अधिकारी श्री मानवेंद्र सिंह (प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश), श्री डी.एस. बघेल (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट), सुश्री पायल टोपनो (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) बैठक में उपस्थित रहे।

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