पीएम श्री सेजेस बतरा के छात्र आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग में हो रहे पारंगत

Chattisgarh Surajpur

महेश कुमार ठाकुर (ब्यूरो चीफ vocg.24…)

सूरजपुर/बतरा/vocg.24…कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) दुनिया भर के उद्योगों में क्रांति ला रही है, और रोबोटिक्स में एआई इस तकनीकी परिवर्तन में सबसे आगे है। विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में एआई-संचालित रोबोटों का एकीकरण उत्पादकता, सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ा रहा है।

इसी तारतम्य में ग्राम बतरा स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के छात्र 5 दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग की तकनीक का ज्ञान तथा प्रशिक्षण अर्जित कर अपना उन्नत भविष्य गढ़ने हेतु तत्पर है।

इस प्रशिक्षण की जानकारी प्रदान करते हुए विद्यालय के प्राचार्य गोवर्धन सिंह ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से प्रचलित हो गया है और इससे कई लाभ हुए हैं. एआई की सबसे बड़ी खासियत स्वचालन (Automation) है और इसका संचार, परिवहन, उपभोक्ता उत्पादों और सेवा उद्योगों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है. स्वचालन (Automation) से न केवल इन क्षेत्रों में उत्पादकता में वृद्धि होती है, बल्कि कच्चे माल का अधिक कुशल उपयोग, बेहतर उत्पाद की गुणवत्ता, कम लीड समय और बेहतर सुरक्षा भी मिलती है. स्वचालन उन संसाधनों को मुक्त करने में मदद कर सकता है जिनका उपयोग अधिक महत्वपूर्ण चीजों के लिए किया जा सकता है.

एनआईईएलआईटी भुनेश्वर,उड़ीसा के प्रशिक्षणदाता प्रकाश विशी तथा ओम प्रकाश अग्रवाल ने इसकी महत्ता बताते हुए कहा कि
AI का इस्तेमाल बहुत सारे क्षेत्रों में किया जा रहा है, जैसे आपने Chat Bot का नाम सुना होग. आजकल कई कंपनियां चैट बोट का इस्तेमाल कस्टमर सपोर्ट के लिए करती हैं. चैट बोट आपको लगभग हर बैंक की ऑनलाइन सर्विस में मिल जाएगी. जब कभी आप ऑनलाइन बैंकिंग इस्तेमाल करते हैं और कोई चीज आपको ना समझ आ रही हो तो बैंक आपको तीन विकल्प देता है, पहला- आप बैंक जाकर अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं; दूसरा- आप कस्टमर केयर नंबर पर बात कर सकते हैं; और तीसरा- आप ऑनलाइन कस्टमर सपोर्ट पा सकते हैं. ये तीसरा विकल्प Chat Bot का ही होता है, जहां आप अपनी समस्या चैट बॉक्स में लिखते हैं और फिर दूसरी ओर से आपको उसका समाधान दिया जाता है. दूसरी ओर से समाधान देने वाला कोई इंसान नहीं, बल्कि बैंक का AI टूल ही होता है, जिसे Chat Bot का नाम दिया गया है. ऐसे ही Chat Bot का इस्तेमाल अलग-अलग क्षेत्र की अलग-अलग कंपनियां भी करती हैं.
विद्यालय की सूचना प्रौद्योगिकी प्रमुख रुचि कुशवाहा ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक ऐसी तकनीक है जिसमें कंप्यूटर और मशीनों को इंसानों की तरह सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता होती है। इसका मतलब है कि मशीनें खुद से सीख सकती हैं, समस्याओं का समाधान कर सकती हैं और कई कार्यों को स्वत: कर सकती हैं। जैसे कि चेहरे पहचानना, वस्तुओं को वर्गीकृत करना, और सवालों के जवाब देना।
इस 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्रदायकर्ता प्रकाश विशी, ओम प्रकाश अग्रवाल,
विद्यालय के प्राचार्य गोवर्धन सिंह, प्रधान पाठिका अंजना जायसवाल, सूचना प्रौद्योगिकी प्रमुख रुचि कुशवाहा सहित सर्व शिक्षकगण एवं प्रशिक्षण प्राप्तकर्ता छात्र छात्राएं उपस्थित थीं।

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