महेश ठाकुर (ब्यूरो चीफ voch.24…)

सूरजपुर/रामनगर/स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी शालाओं में पालकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उन्हें बच्चों की प्रगति से अवगत कराने तथा बच्चों में भविष्य की सम्भावनाओं का आंकलन कर पालकों के साथ समन्वय साधते हुए संयुक्त रूप से परिणाम उन्मुखी प्रयास करने हेतु संकुल स्तरीय पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन हायर सेकंडरी स्कूल रामनगर के प्रांगण में किया गया ।
सम्मेलन का प्रारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर शाला प्रबंधन एवं विकास समिति अध्यक्ष श्री बाबूलाल यादव ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक पालक बैठक का उद्देश्य शिक्षक एवं पालकों के मध्य समन्वय, पालकों को उनके बच्चों के पढ़ाई में मदद हेतु समाधानात्मक कारक उपाय सुझाना तथा शासन द्वारा बच्चों को संचालित विभिन्न हितग्राही योजनाओं एवं शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन हेतु राज्य में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से पालकों को अवगत कराना है।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य कलेश्वरी कुर्री,पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री सत्यनारायण जायसवाल संकुल स्तरीय पालक शिक्षक बैठक कार्यक्रम में शामिल हुए।
यहां उन्होंने पालक शिक्षक बैठक में शामिल होकर पालकों और बच्चों से संवाद कर उनके अनुभव जाने। इस अवसर पर उन्होंने शाला परिसर का अवलोकन भी किया।
उन्होंने पालकों से चर्चा करते हुए कहा कि अपने बच्चों की गतिविधियों और पढ़ाई के स्तर को नियमित रूप से परखने के लिए उनसे चर्चा करते रहें। यह सुनिश्चित करें कि बच्चे स्कूल से आने के पश्चात होम वर्क अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के गुणवत्ता के स्तर को बढ़ाने के लिए पालक और शिक्षक नियमित रूप से संवाद करके स्थानीय स्तर पर ही समाधान करें।
साथ ही चर्चा के दौरान कहा कि बच्चों को मोबाईल की लत से दूर रखें। साथ ही शिक्षकगण भी अध्यापन के दौरान मोबाईल का उपयोग आवश्यकता अनुसार ही करें। बैठक में पालकों ने बेहतर शिक्षण के लिए और भी सुझाव दिए। पालकों से मोर गांव मोर पानी अभियान, एक पेड़ मां के नाम अभियान के संबंध में अवगत कराया।

इस सम्मेलन को सफल बनाने में रामनगर ग्राम के
सरपंच संगीता रोहित सिंह, डा.सुनील श्रीवास्तव,राहुल जायसवाल(सांसद प्रतिनिधि),जनपद सदस्य सकेश्वर सिंह,
श्री सीमांचल त्रिपाठी,संकुल प्रभारी बखला मैडम,जन शिक्षक विजेंद्र जायसवाल।
विद्यालय के सर्व शिक्षक, छात्र छात्राएं तथा ग्रामीण जन का सराहनीय योगदान रहा।

