प्रधानमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना में घोटाला: भंवराही पंचायत में एक माह का नहीं मिला चना ,ग्रामीणों ने लगाया प्रशासन से गुहार,सेल्समैन के ऊपर गंभीर आरोप

Surajpur


प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKY), जो कि केंद्र सरकार की एक महत्त्वपूर्ण योजना है और जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराना है, अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। जनपद पंचायत भैयाथान के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत भंवराही में ग्रामीणों ने उचित मूल्य दुकान (FPS) के सेल्समैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

📌 आरोप: एक माह का चना नहीं मिला, मिली धमकी

ग्रामीणों का आरोप है कि जून 2025 में तीन माह का चना वितरण हेतु आया था, परंतु सेल्समैन ने तीन माह का अंगूठा लगवाकर केवल दो माह का ही चना दिया। इसके अलावा, जनवरी 2025 का भी चना वितरण नहीं किया गया, जिसकी जानकारी आसपास की पंचायतों से तुलनात्मक रूप से प्राप्त हुई। जब ग्रामीणों ने इस विषय में सवाल किया, तो सेल्समैन ने गाली-गलौज कर धमकी दी।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सेल्समैन द्वारा दो पिकअप चावल अवैध रूप से बेच दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला केवल चना तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्यान्न वितरण प्रणाली में व्यापक गड़बड़ी है।

🧾 पूर्व में भी हो चुकी हैं शिकायतें, जांच बनी खानापूर्ति -यह कोई पहली बार नहीं है जब सेल्समैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, परंतु हर बार जांच के नाम पर खानापूर्ति होती है। खाद्य विभाग के निरीक्षक अतुल गुप्ता द्वारा की गई जांच में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में रोष है।

📑 ग्रामीणों की मांग-ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM), जिला खाद्य अधिकारी और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि—

पूरे खाद्यान्न वितरण की निष्पक्ष जांच की जाए

जून 2025 में तीन माह का आया चना और जनवरी माह के वितरण की स्थिति स्पष्ट की जाए

दोषी सेल्समैन को तत्काल निलंबित किया जाए

जांच किसी स्वतंत्र अधिकारी या टीम द्वारा की जाए, न कि पहले से नियुक्त फूड इंस्पेक्टर से

📵 अधिकारी नहीं हुए उपलब्ध

इस संबंध में मीडिया द्वारा अनुविभागीय अधिकारी भैयाथान से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन कॉल का कोई उत्तर नहीं मिला। इससे प्रशासनिक निष्क्रियता पर भी प्रश्न उठ रहे हैं।

✅ योजना की जानकारी:

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKY)

प्रारंभ: मार्च 2020

उद्देश्य: COVID-19 महामारी के दौरान गरीबों को नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराना

लाभ: प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम अतिरिक्त खाद्यान्न (गेहूं/चावल) एवं प्रति परिवार 1 किलो चना

✍ निष्कर्ष:सरकारी योजनाओं का लाभ जब भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ता है, तो इसका सबसे अधिक नुकसान उन गरीब परिवारों को होता है, जिनकी आजीविका और भोजन इन योजनाओं पर निर्भर करता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की आवाज़ पर क्या कार्रवाई करता है—क्या दोषी पर सख्त कार्यवाही होगी या यह शिकायत भी फाइलों में दबी रह जाएगी।

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