
सूरजपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज गुवाहाटी, असम में आयोजित किसान सम्मेलन से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का ऑनलाइन अंतरण किया। सायं 5 बजे प्रधानमंत्री के कर-कमलों से देशभर के 2,47,14,98 लाख किसानों के खातों में लगभग 498.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। सूरजपुर जिले के 1,00,129 किसानों के आधार सीडेड बैंक खातों में 20.13 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई, जिससे किसानों में हर्ष का वातावरण है।
क्या है योजना-
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष तीन समान किस्तों में प्रत्येक चार माह पर 2,000 रुपये की दर से कुल 6,000 रुपये वार्षिक सहायता राशि दी जाती है। यह राशि किसानों को कृषि आदान सामग्री क्रय करने एवं कृषि कार्यों में सहयोग के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से सीधे खाते में भेजी जाती है।
जिला एवं विकासखंड स्तर पर किसान उत्सव-
22वीं किस्त के अवसर पर जिला सरगुजा, सूरजपुर एवं कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में कृषि विज्ञान केंद्र अजिरमा, अंबिकापुर में जिला स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सांसद सरगुजा श्री चिंतामणी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
सूरजपुर जिले के सभी 6 विकासखंडों में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों के कार्यालयों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं किसानों की उपस्थिति में प्रोजेक्टर व लैपटॉप के माध्यम से किस्त अंतरण का लाइव टेलीकास्ट दिखाया गया। प्रत्येक विकासखंड स्तर पर लगभग 50-60 किसान उपस्थित रहे, जबकि ग्राम पंचायत एवं सहकारी समिति स्तर पर 30-40 कृषक सम्मिलित हुए।
ग्राम स्तर पर पीएम किसान उत्सव दिवस-
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा अपने कार्यक्षेत्र की ग्राम पंचायत भवनों एवं सहकारी समितियों में पीएम किसान उत्सव दिवस आयोजित किया गया। किसानों को उनके आधार सीडेड बैंक खातों में किस्त जारी होने की जानकारी दी गई तथा पीएम किसान पोर्टल पर उपलब्ध Know Your Status (KYS) मॉड्यूल का उपयोग करने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
इस पूरे आयोजन में जिले की उप संचालक कृषि सुश्री संपदा पैकरा, सहायक संचालक कृषि श्री संदीप सिन्हा, सहायक संचालक कृषि श्री रोशन कुमार ओगरे तथा विकासखंड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों एवं ग्राम स्तर पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का विशेष सहयोग रहा।

