कलेक्टर सूरजपुर श्री एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सूरजपुर, श्रीमती कमलेश नंदनी साहू के निर्देशन में दिनांक 08 जुलाई, 2025 को जिला पंचायत सूरजपुर के सभागार में नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का वर्चुअल उद्घाटन छत्तीसगढ़ राज्य के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं माननीय उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। माननीय मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में पंचायतों को “जनता के सशक्तिकरण का वास्तविक माध्यम” बताते हुए कहा कि “ग्राम स्तर पर सुशासन की बुनियाद पंचायतें ही हैं। सक्षम पंचायतें ही समृद्ध गांवों का निर्माण कर सकती हैं।”
यह प्रशिक्षण 08 जुलाई से 10 जुलाई 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को पंचायत राज व्यवस्था की गहन समझ, योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट निर्माण, स्थानीय विकास एवं तकनीकी पोर्टलों के उपयोग संबंधी जानकारी प्रदान करना है।
प्रथम दिवस के कार्यक्रम में श्री निरोज सिंह, संकाय सदस्य के द्वारा पंचायती राज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संवैधानिक आधार को स्पष्ट किया गया, जिसमें 73वां संविधान संशोधन, पंचायत राज अधिनियम 1993 तथा अनुसूचित क्षेत्रों में PESA अधिनियम की भूमिका पर चर्चा की गई। जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों की त्रिस्तरीय संरचना, ग्राम सभा की भूमिका, पंचायत बैठकों की प्रक्रिया तथा स्थायी समितियों की कार्यप्रणाली से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त पंचायतों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए सतत विकास लक्ष्य (LSDG) के अंतर्गत 9 प्रमुख विषयों पर आधारित सत्र आयोजित किया गया, जिसमें पंचायतों के माध्यम से लक्ष्यों की प्राप्ति की रणनीतियों पर विमर्श किया गया। इस दौरान केस स्टडी और समूह चर्चा जैसी सहभागी गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण को और अधिक व्यवहारिक बनाया गया।
प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में पंचायत विकास योजना (PDP) की रूपरेखा, निर्माण प्रक्रिया, स्थानीयकरण की विधियाँ, तथा जल संरक्षण जैसे विषयों पर आधारित ग्राम विकास योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, आजीविका मिशन एवं अन्य प्रमुख योजनाओं पर विशेष सत्र रखा गया है। पंचायत बजट लेखन, लेखांकन प्रक्रिया, सामाजिक लेखा परीक्षण एवं ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार करने की संपूर्ण प्रक्रिया पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, लागत निर्धारण, सामग्री मानक, निरीक्षण एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया को भी समझाया जाएगा। छत्तीसगढ़ ग्रामीण पेयजल (संचालन एवं साख्यकरण) नियम 2024 की प्रमुख धाराओं पर भी जानकारी दी जाएगी।
तृतीय दिवस को पंचायत विकास संकेतक (PDI) एवं मानव विकास मानकों के आधार पर पंचायतों के मूल्यांकन तंत्र की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। ई-गवर्नेंस के अंतर्गत पंचायत राज पोर्टल, TMP पोर्टल, डिजिटल सेवाओं एवं ऑनलाइन डैशबोर्ड के उपयोग की कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रतिभागी इन तकनीकों का अभ्यास करेंगे। समापन दिवस पर TMP QUIZ, फीडबैक एवं प्रशिक्षण आकलन के साथ कार्यशाला का समापन किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सहायक सामग्री के रूप में PESA एवं PDP पर गाइडबुक दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों को उनके उत्तरदायित्वों के प्रभावी निर्वहन हेतु सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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