सूरजपुर, छत्तीसगढ़। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) सूरजपुर में कार्यरत प्रभारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) डॉ. प्रिंस जायसवाल को फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने के मामले में बर्खास्त कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह कार्रवाई दस्तावेजों की जांच के बाद की गई, जिसमें पता चला कि उन्होंने जिस विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ (MPH) की डिग्री प्रस्तुत की थी, वह पूरी तरह से फर्जी है।
प्रिंस जायसवाल ने अपनी MPH डिग्री गुजरात स्थित साबरमती विश्वविद्यालय से बताई थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि वह उनके छात्र कभी रहे ही नहीं और प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्र भी फर्जी हैं। इस खुलासे के बाद NHM ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनकी संविदा सेवा समाप्त कर दी।
इससे पहले मई 2024 में सामाजिक कार्यकर्ता संजय जायसवाल ने सूरजपुर एसपी को शिकायत सौंपी थी, जिसमें प्रिंस जायसवाल की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए गए थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि वह NHM के वाहन का निजी उपयोग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि नवंबर 2024 में डॉ. प्रिंस जायसवाल को यूनिसेफ द्वारा ‘एनीमिया मुक्त भारत’ अभियान व राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया था। परंतु फर्जी डिग्री के इस खुलासे ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की अनियमितताओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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