जिला पंचायत सभाकक्ष में कार्यशाला का हुआ आयोजन, एक क्रांतिकारी पहल

Surajpur

सूरजपुर-22 मई – राज्य सरकार द्वारा रजिस्ट्री के नए नियमों और सपत्तियों के पंजीयन में शुरू किए गए 10 क्रांतिकारी परिवर्तनों पर जिला पंचायत सभाकक्ष में महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर उन्होने उपस्थित जनों संबोधित करते हुए कहा कि जमीन की रजिस्ट्री के लिए नये नियम को समय की जरूरत के हिसाब से आमजनों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री के नये नियमों से फर्जीवाड़े में रोक लगेगी. बंधक जमीनें नहीं बिक पाएंगी और कोई भी दूसरा आदमी किसी और की जगह पर खड़े होकर जमीनों की रजिस्ट्री नहीं करा सकेगा। उन्होंने इन नियमों को पंजीयन विभाग की 10 क्रांतिकारी सुविधाएं बताया।

कार्यशाला में उपस्थित पूर्व गृह मंत्री व वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री राम सेवक पैकरा ने कहा कि पंजीयन विभाग ने आम जनता की सुविधा और दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए सॉफ्टवेयर में 10 नई सुविधाएं शुरू की गई है। इनमें फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए आधार सत्यापन सुविधा से क्रेता-विक्रेता की पहचान सीधे आधार नंबर और बायोमेट्रिक के माध्यम से की जाएगी, जिससे फर्जी रजिस्ट्री की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। रजिस्ट्री खोज एवं डाउनलोड सुविधा से खसरा नंबर दर्ज कर संपति की पूर्व रजिस्ट्री की जानकारी देखी जा सकती है और रजिस्ट्री दस्तावेज डाउनलोड किए जा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा ये परिवर्तन पारदर्शिता का प्रदर्शन तो कर ही रहे है, साथ ही शासन व प्रशासन के सेवा, सुविधा व समर्पण का भी प्रदर्शन कर रहे है।

रजिस्ट्री में 10 क्रांतिकारी परिवर्तन के लाभ-

इससे विक्रेताओं को विवादित या बंधक जमीन की जानकारी पहले ही मिल जाएगी। ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण पत्र सुविधा से संपत्ति पर ऋण, बंधक या पूर्व विक्रय की स्थिति अब ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाण-पत्र के माध्यम से आसानी से पता लगाई जा सकती है। कई शासकीय कार्यों और बैंक से लोन लेने के लिए यह प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है।
स्टाम्प एवं रजिस्ट्री शुल्कों को कैशलेस भुगतान से अब स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क का एक साथ यूपीआई, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग आदि से कैशलेस रूप से भुगतान किया जा सकता है। पहले दोनों का भुगतान अलग-अलग स्थान पर नकदी में किया जाता था। रजिस्ट्री के लिए स्लॉट बुकिंग, दस्तावेज की स्थिति, पंजीयन पूर्ण होने की सूचना और रजिस्ट्री की प्रति व्हाट्सअप के माध्यम से खुद ही मिलेगी. सथ ही व्हाट्सएप के माध्यम से रजिस्ट्री से संबंधित शिकायतें एवं फीडबैक भी दिया जा सकेगा. डिजीलॉकर सेवाये पंजीकृत दस्तावेज अब डिजीलॉकर में डिजिटल रूप में संरक्षित रहेंगे। जिन्हें आवश्यकतानुसार कभी भी डाउनलोड किया जा सकेगा। पक्षकार अपने रजिस्ट्री दस्तावेज अब स्वयं ही बना सकेंगे। इसके लिए उन्हें डिजी डॉक सेवा पर जानकारी भरना होगा। जानकारी भरने के बाद रजिस्ट्री दस्तावेज खुद जनरेट होगा और उप पंजीयक को डिजिटल रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

इसके साथ ही डिजीडॉक सेवा के माध्यम से किरायानामा, शपथ पत्र, अनुबंध जैसे गैर-पंजीकृत दस्तावेज अब घर बैठे डिजिटल स्टाम्प के साथ ऑनलाइन तैयार किये जा सकते हैं। अब पक्षकारों को घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा भी मिलनी शुरू हो गई है। दस्तावेज निर्माण, स्टाम्प भुगतान और रजिस्ट्री प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होकर घर से ही पूर्ण की जा सकती है। अभी यह सेवा 10 प्रकार के दस्तावेजों जैसे रेंट एग्रीमेंट, मोर्गेज डीड आदि में शुरू की गई है। होम विजिट के माध्यम से पंजीयन कराए जाने की सुविधा और तत्काल अपॉइंटमेंट सहित पारिवारिक दान, हक त्याग आदि में पंजीयन फीस मात्र 500 रुपए लिए जाने का प्रावधान है। रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण भी हो जाएगा। रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होते ही संबंधित क्रेता का नाम राजस्व रिकॉर्ड में खुद ही दर्ज हो जाएगा। इसके लिए अलग से नामांतरण आवेदन, शुल्क या लंबी प्रतीक्षा की जरूरत नहीं होगी। इससे लोगों का समय, मेहनत और पैसा बचेगा।

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