
सूरजपुर।
पर्यावरण संरक्षण और शासकीय संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जनपद पंचायत सूरजपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत करंजी में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर शासकीय भूमि पर लगे हरे-भरे पेड़ों को बचाने के लिए एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
मवेशियों को चारा खिलाने के चक्कर में उजाड़ रहे थे पेड़
ग्राम पंचायत भवन में आयोजित एक विशेष बैठक में यह बात सामने आई कि गाँव के ही कुछ लोगों द्वारा शासकीय जगहों पर लगे पेड़-पौधों को अपनी गाय और बकरियों को खिलाने के लिए बेरहमी से काटा जा रहा है। लगातार हो रही इस कटाई से गाँव में गहराते पर्यावरण संकट को देखते हुए सभी उपस्थित सदस्यों ने गहरी चिंता व्यक्त की।
पंचायत भवन में तैयार हुआ पंचनामा, तय हुए ये कड़े नियम:
पर्यावरण को बचाने और पेड़ चोरों पर नकेल कसने के लिए सरपंच कुसुम कंवर, उपसरपंच उर्मिला यादव, सचिव और पंचों सहित भारी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से एक पंचनामा तैयार किया गया है, जिसके तहत:
- ₹5,000 का भारी जुर्माना: यदि कोई भी व्यक्ति शासकीय भूमि पर लगे पेड़-पौधों को काटते या नुकसान पहुँचाते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर तत्काल ₹5,000 (पाँच हजार रुपये) का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
- सूचना देने वाले को ₹1,000 का इनाम: पेड़ काटने वाले की पहचान गुप्त रखकर पंचायत को सही सूचना देने वाले सजग नागरिक को ₹1,000 (एक हजार रुपये) की प्रोत्साहन राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।
इनकी रही मुख्य मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक और पंचनामा तैयार करने के दौरान मुख्य रूप से सरपंच कुसुम कंवर, उपसरपंच उर्मिला यादव, ग्राम पंचायत सचिव सहित प्रमुख ग्रामीण व पंच सत्यनारायण जायसवाल, रामलखन सिंह, राजेश राजवाड़े, संतोष कुमार और राजकुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे, जिन्होंने इस निर्णय पर अपनी सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए हैं।
ग्राम पंचायत करंजी द्वारा उठाया गया यह कदम पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे पर्यावरण बचाने की दिशा में एक बेहतरीन मॉडल माना जा रहा है।
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