
-नवाचारी शिक्षा का अनूठा उदाहरण — खेल-खेल में सीखने की अभिनव पहल
सूरजपुर// जब कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर बच्चों के हाथों में किताब-कलम की जगह मिट्टी थमाई जाए, तो उनकी कल्पनाशक्ति कितनी ऊँची उड़ान भर सकती है — यह देखने को मिला विकासखण्ड रामानुजनगर के प्राथमिक शाला उरान्वपारा मदनेश्वरपुर में, जहाँ नन्हे विद्यार्थियों ने मिट्टी से अद्भुत कलाकृतियाँ गढ़कर सबका मन मोह लिया।
जिला कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन एवं जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा के सकारात्मक मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को केन्द्र में रखते हुए नवाचार आधारित रचनात्मक गतिविधियों की श्रृंखला चलाई जा रही है। इसी क्रम में प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए मिट्टी के खिलौने निर्माण की अत्यंत रोचक एवं शिक्षाप्रद गतिविधि का आयोजन किया गया।
गतिविधि में बच्चों ने बड़े जोश और उमंग के साथ भाग लेते हुए मिट्टी से एक से बढ़कर एक आकर्षक आकृतियाँ तैयार कीं जा रही है।
विद्यालय की शिक्षिका अमीना बेक ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच, एकाग्रता, आत्मविश्वास तथा हस्तकौशल का विकास करना है। खेल-खेल में सीखने की यह पद्धति बच्चों को पाठ्यक्रम से परे व्यावहारिक जीवन के लिए भी तैयार करती है।
इस सफल आयोजन की तैयारी शिक्षिक अमीना बेक, शोभारानी किसपोट्टा एवं शिक्षक रामकृपाल साहू ने मिलकर की। कार्यक्रम को देखने पहुँचे अभिभावकों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बच्चों के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे शिक्षा की एक प्रभावी एवं प्रेरणादायक पहल बताया।
प्रधानपाठक संजय साहू के मार्गदर्शन में विद्यालय में अनेक नवाचार आधारित गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं, जो न केवल बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह जगाती हैं, बल्कि शिक्षा को आनंददायक और जीवन से जोड़ने का सार्थक प्रयास भी करती हैं।

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