सूरजपुर। जिला पुलिस को साइबर अपराधियों और जालसाजों के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना सूरजपुर पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले और साइबर गिरोह को अपना बैंक खाता किराए पर देने वाले आरोपी भूपेन्द्र विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दो प्रमुख मामलों में कार्रवाई की है:
- नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी: ग्राम दवना निवासी विजय प्रताप की शिकायत के अनुसार, आरोपी ने SECL में नौकरी दिलाने का झांसा देकर विजय और उसके रिश्तेदार से कुल 55 हजार रुपये ठगे थे। पैसे मांगने पर आरोपी लगातार टालमटोल कर रहा था। (अपराध क्रमांक 595/2025)
- म्यूल अकाउंट (Mule Account) के जरिए साइबर फ्रॉड: भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C) की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी का IDBI बैंक खाता साइबर फ्रॉड की गतिविधियों में संलिप्त था। आरोपी अपना खाता, एटीएम और सिम कार्ड साइबर गिरोह को महज 5,000 रुपये प्रति माह के लालच में सौंप चुका था।
77 लाख से अधिक का संदिग्ध लेनदेन
पुलिस विवेचना के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पकड़े गए आरोपी के बैंक खाते से अब तक 77 लाख 84 हजार रुपये का ट्रांजैक्शन किया जा चुका है। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय साइबर गिरोह के सदस्यों को अपना खाता उपलब्ध कराता था।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में पुलिस टीम ने नई तकनीक और मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
- आरोपी का विवरण: भूपेन्द्र विश्वकर्मा (40 वर्ष), निवासी रूनियाडीह (वर्तमान पता: न्यू वकील कॉलोनी, नावापारा, सूरजपुर)।
- धाराएं: आरोपी के विरुद्ध धारा 420 (IPC) तथा नई न्याय संहिता के तहत बीएनएस की धारा 317(4), 318(2), 61(2)(ए) के अंतर्गत मामले दर्ज किए गए हैं।
अपील: पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी को भी अपना बैंक खाता, एटीएम या सिम कार्ड किराए पर न दें, अन्यथा वे अनजाने में साइबर अपराध का हिस्सा बन सकते हैं।
टीम की सक्रियता: इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी विमलेश दुबे, एएसआई देवनाथ चौधरी, आरक्षक रविराज पाण्डेय, बृजलाल और नरेश टोप्पो की मुख्य भूमिका रही।
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