सूरजपुर// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक रखी गयी थी। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस वर्चुअल बैठक में बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में दिए गए प्रमुख दिशा-निर्देश:-
बैठक में जल संचय कार्यों को गति देने के लिए सरकार, समाज और निजी क्षेत्र की त्रिस्तरीय भागीदारी पर विशेष बल दिया गया। इसके लिए 03-C सूत्र – कोस्ट (लागत साझेदारी), कम्यूनिटी (समुदाय की सहभागिता) एवं सीएसआर (कॉर्पाेरेट सामाजिक दायित्व) को प्रभावी रूप से उपयोग में लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में 31 मई 2026 तक समूचे छत्तीसगढ़ में 10 लाख जल संरचनाओं के निर्माण एवं उनकी जियोटैगिंग पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। यह कार्य जन भागीदारी के माध्यम से संपन्न किया जायेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग की इसमें सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
सूरजपुर जिले के लिए विशेष निर्देश:-
सूरजपुर जिले के संदर्भ में विशेष रूप से निर्देश दिए गए कि जिले में निर्धारित लक्ष्य को बढ़ाया जाये तथा अधिक से अधिक संरचनाओं की जियोटैगिंग शीघ्र पूर्ण की जाये।
उल्लेखनीय है कि जल संचय जन भागीदारी अभियान का उद्देश्य भूजल स्तर को बनाए रखना, वर्षा जल के संरक्षण को बढ़ावा देना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। एनआईसी कक्ष में कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र पाटले, श्री अरुण कुमार मिश्रा व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

