
सूरजपुर// कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देशानुसार बुधवार को डीपीआरसी सूरजपुर में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनपद पंचायत सूरजपुर, रामानुजनगर एवं भैयाथान के कुल 30 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं स्वेच्छाग्रही दीदियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला पंचायत श्री विजेंद्र सिंह पाटले एवं राज्य सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण एवं सरगुजा संभाग प्रभारी श्री पुरुषोत्तम पंडा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार वे अपने ग्राम में पूर्व में एवं वर्तमान में कचरा संग्रहण कार्य हेतु ग्रामीणों को जागरूक कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। स्वच्छ गांव के लिए सामुदायिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
ओडीएफ मॉडल ग्राम बनाए रखने पर जोर
मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला पंचायत श्री विजेंद्र सिंह पाटले ने सरपंचों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रामों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) मॉडल ग्राम बनाए रखने के लिए नियमित कचरा संग्रहण कार्य एवं यूजर शुल्क पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने नए व बढ़े परिवारों को पात्रता अनुसार व्यक्तिगत शौचालय का लाभ दिलाने के लिए सरपंचों को विशेष निर्देश दिए।
गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण पर चर्चा
राज्य सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण श्री पुरुषोत्तम पंडा ने गांव में गीले और सूखे कचरे के संग्रहण एवं पृथक्करण विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा घर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करने की विधि समझाते हुए सरपंचों एवं स्वेच्छाग्रही दीदियों को ग्रामीण लोगों को इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
उन्होंने यूजर चार्जेस एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त होने वाली प्रोत्साहन राशि के विषय में भी सरपंचों से विस्तृत चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने ग्राम में निरंतर घर-घर एवं संस्थानों से कचरा संग्रहण व जागरूकता फैलाने हेतु अभियान चलाने का निर्देश दिया।
सरपंचों ने साझा किए अनुभव
इस अवसर पर ग्राम पंचायत बरोल एवं नवगई के सरपंचों ने प्रशिक्षण से प्राप्त सीख एवं अपने ग्राम में किस प्रकार कार्य करेंगे, इस संबंध में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अन्य सरपंचों को भी प्रेरित करते हुए कहा कि नियमित कचरा संग्रहण से गांव की स्वच्छता बनाए रखी जा सकती है।
स्वेच्छाग्रही दीदियों से नियमित कार्य का आग्रह
कार्यक्रम के समापन पर जिला सलाहकार संजय सिंह ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और स्वेच्छाग्रही दीदियों से नियमित रूप से कचरा संग्रहण कार्य किए जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ गांव, स्वस्थ गांव के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला में जनपद पंचायतों के अधिकारी, तकनीकी सहायक एवं स्वच्छता मित्र भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को अपशिष्ट प्रबंधन के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

