
सूरजपुर/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छ.ग.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया। इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष, श्रीमती विनीता वार्नर को जाता है, जिनके कुशल नेतृत्व में यह आयोजन संपन्न हुआ।
यह राष्ट्रीय लोक अदालत सिर्फ जिला एवं सत्र न्यायालय तक सीमित नही थी, बल्कि इसमें कुटुम्ब न्यायालय, तालुका न्यायालय प्रतापपुर बाल न्यायालय और जिले के सभी राजस्व न्यायालयों को भी शामिल किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य न्याय की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाते हुए, लंबित मामलों को आपसी सहमति से सुलझाना था।
लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय के कोर्ट रूम में हुआ, जहाँ श्रीमती विनीता वार्नर ने द्वीप प्रज्वलन कर इस न्याय पर्व की सुरूवात की इस अवसर पर सभी न्यायिक अधिकारी, वरिष्ट अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारीगण, बैंक, नगरपालिका तथा विद्युत विभाग जैसे विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे, जो इस आयोजन के महत्व को दर्शाता है।
आम जनता व पक्षकारों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए, लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों को संभालने के लिए 32 खण्डपीठों का गठन किया गया था। इन खण्डपीठों में सिविल वाद, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, वर्षों से लंबित राजस्व मामले और बैंक बैंक ऋण, बिजली तथा जल के बकाया बिलों से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई हुई। इन खण्डपीठों ने मामलों को गहनता से समझा और दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया।
सामाजिक पहल दिव्यांगों को मिला सहार और स्वास्थ्य सेवा लोक अदालत ने सिर्फ कानूनी मामलों पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि समाज काल्याण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और समाज कल्याण विभाग के सामूहिक सौजन्य से 4 दिव्यांग व्यक्यिों मिला सहायक उपकरण 2 ट्राय सायकल, 1. 12 वर्ष की बच्ची जों कान से सून नही पानी उसे कान की मशीन और एक बच्ची को एम.आर. कीट माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधाश के हाथों से प्रदान की गई, जो उनके जीवन को आसान बनाने में मदद करेंगी।
इसके अतिरिक्त, जनसामान्य के स्वास्थ्य परिक्षण हेतु स्वास्थ्य जाँच की भी व्यवस्था काराई गई थी। लोक अदालत में आए आमजन एवं पक्षकारगण ने इस स्वास्थ्य जाँच शिविर का लाभ प्राप्त किया।
प्रकरणों के निराकरण हेतु जिले में कुल 32 खण्डपीठ गठित किये गये थे। वर्ष 2025 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत में समस्त न्यायालयों से 2785 लंबित प्रकरण एवं 82265 प्री-लिटिगेशन प्रकरण विचारार्थ में रखे गये थे। जिसमें कुल 75775 प्रकरण के पक्षकारों में आपसी समझौते के आधार पर सफलता पूर्वक निराकरण कर कुल 104019394/- रूपये का जिला सूरजपुर द्वारा अवार्ड पारित किया गया। लोक अदालत में कुल 75775 प्रकरणों से संबंधित पक्षकारगण लाभान्वित हुये।
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