
इस लोक अदालत का आयोजन न्याय तक पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के सभी न्यायिक क्षेत्रराधिकारों में किया जाएगा, जिसमें जिला एवं सत्र न्यायालय सूरजपुर, कुटुंब न्यायालय सूरजपुर, तालुका न्यायालय प्रतापपुर एवं जिले के समस्त अनुविभागीय और तहसील न्यायालय शामिल हैं।
18 नवम्बर 2025 को शासकीय विभागों के प्रमुखों जैसे नगरपालिका, दूरसंचार विभाग, विद्युत विभा और समस्त बैंक अधिकारियों के साथ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के विश्राम कक्ष में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। अध्यक्ष महोदया ने अधिकारियों को स्पस्ट निर्देश दिए कि विभागों में लंबित प्रकरणों (प्री-लिटिगेशन) स्तर के प्रकरणों को सर्वाधिक संख्या में निन्हित कर प्रस्तुत किए जाने पर जोर दिया। उन्होने बल देते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों के निकरण हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान करना अनिवार्य है। विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने हेतु गहन चर्चा की गई कि संबंधित विभागों द्वारा बकाया राशि, ब्याज और जुर्माने पर वास्तविक एवं प्रभावी छुट प्रदान की जाए, ताकि जनता को अधिकतम वैधानिक राहत मिल सके।
आज जिले के समस्त सम्मानित अधिवक्ताओं के साथ अधिवक्ता बार कक्ष में विचार-विमर्श सत्र का आयोजित किया गया। श्रीमती वार्नर ने अधिवक्ताओं से न्यायिक प्रशासन के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करने का आह्वान करते हुए, न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य और समझौता योग्य प्रकरणों को निन्हित कर लोक अदालत में प्रस्तुत करने का आग्रह किया। माननीय अध्यक्ष महोदया ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे मध्यस्थता की भूमिका में पूर्ण सक्रियता दर्शाए और रखे गए प्रकरणों को अधिकतम संख्या में अंतिम रूप से निराकृत कराने में अपना सकारात्म एवं निर्णायक योगदान प्रदान करें।
यह अतिम नेशनल लोक अदालत वर्ष 2025 में लंबित मामलों के बोझ को कम करने और नागरिकों को शीघ्र प्रभावी एवं कम खर्चीला न्याय उपलब्ध कराने का स्वर्णिम अवसर प्रस्तुत करती है।
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