सूरजपुर जिले में ऑयल पॉम की खेती को बढ़ावा देने विशेष अभियान का शुभारंभ

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सूरजपुर/23 जुलाई 2025/   सूरजपुर जिले में किसानों की आय में वृद्धि और खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ऑयल पॉम की खेती को बढ़ावा देने विशेष अभियान की शुरुआत की गई। राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स-ऑयल पॉम योजना के अंतर्गत जिले को वर्ष 2025-26 में कुल 300 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस योजना के तहत राज्य में प्रशिक्षण और पौधरोपण अभियान संचालित किया जा रहा है।

इस अभियान का शुभारंभ आज भैयाथान विकासखंड के ग्राम सिरसी में किया गया, जहां कृषक श्री आशीष गुप्ता के एक हेक्टेयर खेत में 143 ऑयल पॉम पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल राजवाड़े, जनपद पंचायत भैयाथान के जनप्रतिनिधि, स्थानीय किसान तथा अधिकारीगण उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने कहा कि पारंपरिक फसलों की तुलना में ऑयल पॉम की खेती से चार गुना अधिक लाभ संभव है। इसकी खेती में न्यूनतम मजदूरी की आवश्यकता होती है, रोगों की संभावना कम रहती है, और इससे किसानों की आय में आशातीत वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से भारत ऑयल पॉम तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।

ऑयल पॉम खेती की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि प्रति हेक्टेयर 143 पौधों का रोपण किया जाता है। पौधों को 9×9 मीटर की त्रिकोणीय पद्धति से लगाया जाता है। चार वर्षों में पौधे फल देने लगते हैं और एक एकड़ में सालाना 10-12 टन उत्पादन संभव होता है, जो अगले 25-30 वर्षों तक लगातार मिलता है। सरकार द्वारा फलों की खरीदी 17 रुपये प्रति किलो की दर से की जाएगी।

किसानों की सुविधा के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पौधरोपण सामग्री के लिए 29,000 फेंसिंग हेतु 54,485, ड्रिप सिंचाई प्रणाली हेतु 31,400 तथा बोर खनन और पंप प्रतिस्थापन पर भी अनुदान दिया जाएगा।

 उल्लेखनीय है कि इस योजना से किसानों की सबसे बड़ी समस्या विपणन का समाधान होगा। सरकार और प्री यूनिक एशिया प्रा. लि. कंपनी के बीच हुए एमओयू के अंतर्गत कंपनी किसानों से फसल सीधे खेत से खरीदेगी, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं करनी होगी।

ऑयल पॉम एक ताड़ प्रजाति का पौधा है, जिससे ताड़ का तेल (पॉम ऑयल) प्राप्त होता है। इसका उपयोग रिफाइंड तेल, साबुन और सौंदर्य प्रसाधन जैसे उत्पादों में होता है। यह अभियान न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगा बल्कि देश को खाद्य तेल के आयात पर निर्भरता से भी मुक्ति दिलाएगा। वर्तमान में भारत 60-70 प्रतिशत खाद्य तेल का आयात करता है, जिसमें पॉम ऑयल की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है। ऐसे में यह योजना रणनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अभियान शुभारंभ के इस अवसर पर उप संचालक कृषि, सुश्री संपदा पैकरा, सहायक संचालक उद्यान श्री जयपाल सिंह मराबी, जनपद पंचायत भैयाथान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार गुप्ता, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री धरमजीत भगत, उद्यान अधीक्षक भैयाथान श्री आलम साय ठाकुर, श्री विवेक सिंह, श्री विक्की सिंह पैकरा, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी व वि.ख. भैयाथान के अन्य ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे के साथ-साथ प्री. यूनिक एशिया प्रा. लि. बिलासपुर छ.ग. कंपनी के प्लांटेशन अधिकारी श्री विपिन कुजूर भी उपस्थित रहे।

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