सूरजपुर,( VOC.24)
बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में सूरजपुर जिले में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई। इसके परिणामस्वरूप अब जिले की शालाएं शिक्षक युक्त हो गई हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है।
जिले में युक्तियुक्तकरण पूर्व में 18 प्राथमिक शालाएं शिक्षकविहीन थीं, जो अब पूरी तरह से शिक्षकयुक्त हो चुकी हैं। इसी प्रकार 281 एकल शिक्षकीय प्राथमिक शालाएं थीं, जिनकी संख्या घटकर अब मात्र 47 रह गई है। इसके अलावा, जिले के 2 हाई स्कूल भी शिक्षकविहीन थे, जिन्हें भी अब शिक्षक उपलब्ध कराए गए हैं।
जिले के सभी पूर्व माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में अब शिक्षकों की पूरी उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है।
शासन के निर्देशानुसार, जिले में बच्चों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 1 से 3 जून 2025 तक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, विश्रामपुर में ओपन काउंसलिंग का आयोजन किया गया। इस काउंसलिंग में वरीयता क्रम के आधार पर सैकड़ों अतिशेष शिक्षकों की नवीन पदस्थापना की गई। इससे न केवल शिक्षकविहीन शालाओं की समस्या का समाधान हुआ बल्कि दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों की शालाओं में भी शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
इस योजना से जिले के शिक्षा परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। शासन और जिला प्रशासन की इस पहल से जिले में शिक्षा की गुणवत्ता निश्चित रूप से बेहतर होगी।
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