सूरजपुर। 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (NCSC-2026) को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में सूरजपुर जिले में विद्यार्थियों के कम पंजीयन पर उच्चाधिकारियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण शिक्षा विभाग ने जिले के सभी मिडिल, हाई, हायर सेकेंडरी, पीएम श्री और सेजेस (SAGES) विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर अधिक से अधिक पंजीयन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक विद्यालय से कम से कम दो विद्यार्थियों की विज्ञान परियोजनाओं का पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। संस्था प्रमुखों एवं विज्ञान व गणित शिक्षकों को समय-सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्देशित किया गया है।
पंजीयन के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश:
- जन्मतिथि का सत्यापन: रजिस्ट्रेशन के दौरान विद्यार्थी की जन्मतिथि का मिलान आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र अथवा कक्षा 5वीं, 8वीं या 10वीं की अंकसूची से अवश्य करें। विसंगति पाए जाने पर प्रोजेक्ट सीधे निरस्त कर दिया जाएगा।
- विषय और उप-विषय में तालमेल: प्रोजेक्ट का मुख्य टाइटल (Title) और उप-विषय (Sub-theme) एक-दूसरे से पूरी तरह संबंधित होने चाहिए।
- शीर्षक में भिन्नता: एक ही विद्यालय से सबमिट किए जा रहे दोनों प्रोजेक्ट्स के टाइटल अलग-अलग होने चाहिए; एक जैसे शीर्षक स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
- हस्ताक्षर उपरांत अपलोड: रजिस्ट्रेशन फॉर्म को संस्था प्राचार्य के विधिवत हस्ताक्षर और मुहर के बाद ही पोर्टल पर दोबारा अपलोड करें।
विद्यार्थी और विद्यालय आधिकारिक पोर्टल https://n-csc.in/ पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। विभाग ने सभी प्राचार्यों से अपील की है कि वे बिना किसी विलंब के अपने-अपने स्कूलों से दो श्रेष्ठ विज्ञान मॉडलों का पंजीयन तत्काल पूरा कराएं।
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