सूरजपुर। पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम के द्वारा रविवार, 05 जुलाई 2026 को सूरजपुर जिले का औचक दौरा कर जिले के पुलिस राजपत्रित अधिकारियों की बैठक ली और कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, बीट पुलिसिंग की गुणवत्ता सहित अन्य विषयों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर से जिले की गतिविधियों, प्रमुख विषयों एवं बेहतर पुलिसिंग की रणनीति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा भी मौजूद रहे।
बैठक में डीजीपी श्री अरूण देव गौतम ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी पहचान जनता का विश्वास है। प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ करना चाहिए। अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा आम नागरिकों के प्रति सहयोगात्मक एवं मानवीय व्यवहार ही प्रभावी पुलिसिंग की पहचान है। महिलाओं, बच्चों एवं कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ फौरन कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की विशेष प्राथमिकता है, आमजनता से प्राप्त होने वाली छोटी-बड़ी शिकायतों पर फौरन एक्शन ली जाए और उनके साथ संवेदनशील होकर विनम्रतापूर्वक व्यवहार किया जाए। उन्होंने अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी गश्त, मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों की सतत निगरानी रखने तथा तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में जिले की वर्तमान कानून-व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति, अपराधों की रोकथाम, लंबित प्रकरणों के निराकरण, महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों की समीक्षा, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, सामुदायिक पुलिसिंग, डायल-112 की कार्यप्रणाली तथा विभिन्न अभियानों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आधुनिक संसाधनों से युक्त पुलिस अधोसंरचना पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आमजन को बेहतर एवं त्वरित पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
गंभीर अपराधों में सजा की दर बेहतर होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
डीजीपी छत्तीसगढ़ श्री अरूण देव गौतम ने अपराधों के निकाल पर जोर देते हुए कहा कि माननीय न्यायालय में पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की पेशी शत्-प्रतिशत सुनिश्चित कराई जाए। गंभीर अपराध के मामलों में सजा की दर की जानकारी ली जो सजा की दर बेहतर होने पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने बेसिक पुलिसिंग के मूल सिद्धांतों, प्रभावी अपराध नियंत्रण, वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना, घटनास्थल संरक्षण, भौतिक एवं डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण, अभियोजन की सफलता बढ़ाने के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, सीएसपी बेनार्ड कुजूर, एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा, डीएसपी अजाक रीता नीलम कुजूर, एसडीओपी प्रतापपुर अनूप एक्का मौजूद रहे।

What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

