सुदामा नगर:
नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ के अवसर पर सुदामा नगर स्थित प्रतिष्ठित ‘ग्लोबल पब्लिक स्कूल’ में ‘शाला प्रवेश उत्सव’ बेहद धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल लौटे बच्चों का विद्यालय परिवार द्वारा पलकें बिछाकर पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। इस अवसर पर शिक्षा और समाज सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला।
वीआईपी संस्कृति को छोड़ अभिभावक बने मुख्य अतिथि, पौधारोपण से हुई शुरुआत
ग्लोबल पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने इस वर्ष शाला प्रवेश उत्सव को एक नया और सकारात्मक रूप देते हुए किसी राजनेता या वीआईपी की जगह, विद्यालय के ही एक छात्र के अभिभावक श्री महेंद्र देवांगन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री देवांगन और विद्यालय स्टाफ द्वारा संयुक्त रूप से पौधारोपण कर किया गया, जिसने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का एक बेहतरीन संदेश दिया।
चंदन तिलक और आरती से हुआ बच्चों का आत्मीय स्वागत
लंबे अवकाश के बाद स्कूल पहुंचे बच्चों का स्वागत भारतीय संस्कृति के अनुसार बेहद खास अंदाज में किया गया। विद्यालय की शिक्षिकाओं ने प्रवेश द्वार पर ही सभी बच्चों के माथे पर चंदन का टीका लगाया और उनकी आरती उतारी। इस आत्मीय और भावुक कर देने वाले स्वागत को देखकर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी।
सराहनीय पहल: जरूरतमंद बच्चों को मिला शिक्षा का संबल
प्रवेश उत्सव के इस पावन अवसर पर स्कूल प्रबन्ध समिति द्वारा एक अत्यंत पुनीत कार्य किया गया। समिति ने शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पढ़ने वाले बच्चों तथा ऐसे अति गरीब व अनाथ बच्चों को, जिनके माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं, उन्हें मुफ्त में स्कूल ड्रेस (गणवेश) और स्टेशनरी सामग्री भेंट की। विद्यालय प्रबंधन की इस मानवीय पहल से इन बच्चों को अपनी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए एक बड़ा संबल मिला है।
शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार भी हमारी प्राथमिकता: चेयरमैन श्री अनिल देवांगन
कार्यक्रम के दौरान ग्लोबल पब्लिक स्कूल के चेयरमैन श्री अनिल देवांगन ने उपस्थित विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए एक प्रेरक संदेश दिया।
अपने संबोधन में श्री देवांगन ने कहा:
“शिक्षा का अर्थ केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक का निर्माण करना है। आज हमने जो पौधारोपण किया है, वह पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारा संकल्प है। हमारा यह दृढ़ विश्वास है कि धन के अभाव में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसलिए हमारा विद्यालय अति गरीब और जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है।”
‘शाला त्यागी’ बच्चों को मुख्यधारा में लाने की अपील
अभिभावकों से एक विशेष अपील करते हुए चेयरमैन श्री देवांगन ने कहा कि यदि आस-पास ऐसे कोई भी ‘शाला त्यागी’ (ड्रॉपआउट) बच्चे हैं, जिन्होंने किसी मजबूरी में पढ़ाई छोड़ दी है, तो उनके माता-पिता को प्रेरित करें। उन बच्चों को पुनः स्कूल लेकर आएं, ताकि उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से वापस जोड़ा जा सके।
उपस्थिति:
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस गरिमामयी अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी, भारी संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।
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