सूरजपुर/ छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखण्डों में आज “विकसित कृषि संकल्प अभियान” की शुरुआत की गई। अभियान के प्रथम दिवस कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो किसानों तक आधुनिक खेती की जानकारी और शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
अभियान के तहत जिले के विभिन्न विकासखण्डों में कुल 12 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें भैयाथान के सांवारावा व चन्द्रमेढ़ा, ओड़गी के नावाटोला व खडौली, सूरजपुर के उंचडीह व चम्पकनगर, रामानुजनगर के देवनगर व सोनपुर, प्रतापपुर के करसी व रमकोला तथा प्रेमनगर के कंचनपुर व नावापाराखुर्द ग्राम पंचायत शामिल रहे।
कार्यक्रमों में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के साथ-साथ कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने भाग लेकर किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए वैज्ञानिक अनुशंसाओं के आधार पर ई-उर्वरक (टोकन प्रणाली) से वितरण की प्रक्रिया समझाई गई।
इसके साथ ही डीएपी के विकल्प के रूप में 12ः32ः16, 20ः20ः13, 10ः26ः26, 28ः28ः0, 16ः16ः16, 14ः35ः14 जैसे उर्वरकों, टी एस पी, एसएसपी, हरी खाद, जैव उर्वरक एवं नील हरित काई के उपयोग के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में फसल की नई किस्मों, आधुनिक तकनीकों, बीजोपचार, जीवामृत एवं डी-कम्पोजर बनाने की विधि, एसआरआई पद्धति, कतार बोनी, पैडी ट्रांसप्लांटर और सीड ड्रिल स्प्रेयर के उपयोग पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को 17 प्रतिशत नमक घोल विधि, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं एग्रीस्टेक से जुड़ी नवीन पहल के बारे में भी अवगत कराया। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित कृषि एवं समवर्गीय विभागों – पशु चिकित्सा, उद्यानिकी और मत्स्यपालन – द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।
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