सूचना के अधिकार अधिनियम की जानकारी से अनभिज्ञ ग्राम पंचायत तेंदुआ के सचिव, जनपद पंचायत की फटकार भी बेअसर

Chattisgarh News Surajpur

कोरिया – जनपद पंचायत बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत तेंदुआ में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत के सचिव को सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI) के नियमों एवं प्रक्रियाओं का समुचित ज्ञान नहीं होने के कारण आवेदनों के निराकरण में लगातार त्रुटियां हो रही हैं।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पंचायत में सूचना के अधिकार के तहत लगाए गए आवेदनों का समय-सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया जा रहा है। कई मामलों में अधूरी एवं नियम विरुद्ध जानकारी प्रदान किए जाने की शिकायत भी सामने आई है, जिससे आवेदकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मामले की शिकायत जनपद पंचायत बैकुंठपुर तक पहुंचने पर अधिकारियों द्वारा संबंधित सचिव को कड़ी फटकार लगाते हुए अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सचिव द्वारा जनपद पंचायत से जारी पत्र एवं दिशा-निर्देशों को सही तरीके से समझने एवं लागू करने में लापरवाही बरती जा रही है।

स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पंचायत स्तर पर कार्यरत अधिकारियों को शासन के महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आम नागरिकों को सूचना प्राप्त करने के अधिकार से वंचित न होना पड़े।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग द्वारा मामले में क्या कार्रवाई की जाती है तथा पंचायत स्तर पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

जनपद पंचायत बैकुंठपुर के अधिकारियों से ‘ऊपर’ ग्राम पंचायत तेंदुआ के सचिव ? आदेश के बाद भी नियमों का उल्लंघन जारी

जनपद पंचायत बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत तेंदुआ में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप है कि ग्राम पंचायत के सचिव द्वारा जनपद पंचायत के अधिकारियों के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है तथा आदेश जारी होने के बाद भी नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत स्तर से पंचायत कार्यों के संचालन एवं शासकीय नियमों के पालन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन ग्राम पंचायत तेंदुआ में इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या संबंधित सचिव स्वयं को जनपद पंचायत के अधिकारियों से भी ऊपर समझ रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत कार्यालय समय पर नहीं खुलता तथा प्रशासनिक कार्यों में मनमानी की जा रही है। कई मामलों में शासन के दिशा-निर्देशों की अनदेखी किए जाने से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, जिसके बाद विभागीय स्तर पर जांच एवं कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए पंचायत स्तर पर अनुशासन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करता है।

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