जगन्नाथपुर / प्रतापपुर
विकासखंड प्रतापपुर के महान-3 ओपन कास्ट कोल खदान विस्तार को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। प्रभावित ग्राम जगन्नाथपुर की निवासी मंजू मिंज के पुस्तैनी घर को SECL अधिकारियों द्वारा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आधी रात बुलडोज़र से तोड़े जाने का आरोप लगाया गया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।
पीड़िता मंजू मिंज, जो घटना के समय अपने दूसरे निवास ग्राम अमानदोन में मौजूद थीं, का आरोप है कि उनके घर को तोड़ते समय लगभग 300 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और 5 जेसीबी मशीनों से मकान को ध्वस्त किया गया। उनका कहना है कि घर में अनाज, पशुधन, कृषि उपकरण, पारंपरिक देवस्थल, जमा पूंजी और चांदी के आभूषण भी मौजूद थे, जो इस कार्रवाई में नष्ट हो गए।
मंजू मिंज ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें उनके दूसरे घर से बाहर निकलने से रोकने के लिए पुलिस ने उनके निवास के बाहर वाहन खड़ा कर रास्ता बाधित कर दिया था, जिससे वे समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को गैरकानूनी और अमानवीय बताया है।
इस घटना के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रतापपुर में SDM को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। हालांकि SDM के उपस्थित न होने और उनके प्रतिनिधि के रवैये को लेकर भी नाराजगी जताई गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घर तोड़े जाने जैसे गंभीर मुद्दे पर प्रतिनिधि द्वारा हंसी-मजाक करना बेहद असंवेदनशील व्यवहार है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर खनन परियोजनाओं के नाम पर आदिवासी क्षेत्रों में जबरन कार्रवाई करने और पुलिस बल के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने हसदेव अरण्य और अमेरा खदान जैसे मामलों का हवाला देते हुए कहा कि पूरे सरगुजा संभाग में इसी तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।
नेताओं ने कहा कि आदिवासी समाज विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और खनन के लिए तय नियमों का पालन जरूरी है। यदि प्रशासन जवाब नहीं देता है तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, महामाया शक्कर मिल के अध्यक्ष विद्यासागर, त्रिभुवन सिंह टेकाम, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष संजीव सिन्हा, नवीन जायसवाल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के जितेंद्र दुबे और नरेश पैकरा सहित कई लोग उपस्थित रहे।
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