छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में एक 19 वर्षीय छात्र के लापता होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में गुम इंसान प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सी वी रमन यूनिवर्सिटी के छात्रावास में रहने वाला रोहित कुमार, पिता अमरेन्द्र कुमार, निवासी महावीर कॉलोनी संगम चौक, गया (बिहार) 6 मार्च 2026 को शाम लगभग 4 बजे से छात्रावास से लापता है। छात्रावास प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर 7 मार्च को थाना कोटा में गुम इंसान प्रकरण क्रमांक 29/2026 दर्ज किया गया और उसकी तलाश शुरू की गई।
पुलिस जांच के दौरान छात्र के कमरे से एक मोबाइल फोन (बिना सिम), ऑनलाइन गेमिंग से संबंधित नोट्स वाला एक पेज जिसमें बेटिंग के नियम लिखे हुए थे और एक नोटबुक बरामद हुई है। इस नोटबुक में लगभग 40 लाख 77 हजार 400 रुपये के लेन-देन का हिसाब दर्ज पाया गया है। इसके अलावा रोहित के मोबाइल से उसकी मां को एक मैसेज भेजा गया था जिसमें उसने स्वेच्छा से कहीं जाने की बात लिखी थी, लेकिन वह मैसेज डिलीवर नहीं हुआ।
पुलिस ने छात्रावास में रहने वाले छात्रों, उसके दोस्तों और परिचितों से पूछताछ की है। प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि रोहित ऑनलाइन गेमिंग में काफी सक्रिय था और कई लोगों के साथ पैसों का लेन-देन करता था। घटना वाले दिन भी उसने अपने कुछ साथियों से कैश में पैसे मांगे थे और कहा था कि वह तुरंत यूपीआई के माध्यम से पैसे वापस कर देगा। पुलिस ने इस मामले में मोबाइल कॉल डिटेल, बैंक खातों की जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।
बैंक डिटेल की जांच में लगभग 7 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं, जिनमें कई लोगों और मोबाइल ऐप के माध्यम से पैसे लिए और दिए गए हैं। पुलिस ने आसपास के कई स्थानों जैसे यूनिवर्सिटी गेट, मोबाइल नाका चौक, खत्री इंटरप्राइजेस, स्कूल, यूको बैंक एटीएम, पेट्रोल पंप और अन्य जगहों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं। साथ ही गुमशुदा छात्र की जानकारी अन्य जिलों की पुलिस को भी भेजी गई है ताकि उसकी तलाश तेज की जा सके।
डॉग स्क्वाड की मदद से छात्रावास से लेकर कोटा रेलवे स्टेशन तक खोजबीन की गई है। पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब भी मांगा है। पुलिस के अनुसार रोहित के भाई-बहनों को इस बात की जानकारी थी कि वह ऑनलाइन बेटिंग में पैसे लगा रहा था और उसमें काफी पैसे हार चुका था।
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय के छात्रावास प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह है कि छात्रावास में इतने बड़े स्तर पर पैसों का लेन-देन और ऑनलाइन बेटिंग जैसी गतिविधियां कैसे चल रही थीं और प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि छात्र के लापता होने के बाद परिवार को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई और क्या पुलिस को जानकारी देने में भी किसी प्रकार की देरी हुई।
स्थानीय लोगों और छात्रों के बीच यह चर्चा भी है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन अक्सर मीडिया, समाज और अभिभावकों को यह भरोसा दिलाता रहा है कि परिसर में सब कुछ सामान्य और सुरक्षित है। लेकिन इस घटना के बाद कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि कहीं विश्वविद्यालय में वित्तीय गतिविधियों, ऑनलाइन गेमिंग नेटवर्क या अन्य शैक्षणिक और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़ी कोई बड़ी समस्या तो नहीं है, जिसकी गहन जांच की आवश्यकता है।
इसी कारण अब कई लोगों द्वारा यह मांग की जा रही है कि विश्वविद्यालय की व्यवस्था, छात्रावास प्रबंधन, वित्तीय गतिविधियों और छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था की निष्पक्ष बाहरी जांच कराई जाए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और परिवार को भी जांच में शामिल कर हर पहलू की जानकारी दी जा रही है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी को रोहित कुमार के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत थाना कोटा, जिला बिलासपुर को सूचित करें।

