सूरजपुर// कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित पोषण एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने पोषण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान सभी सीडीपीओ एवं पर्यवेक्षकों को पोषण ट्रैकर ऐप में नियमित एवं शत-प्रतिशत एंट्री, आंगनबाडियों में बच्चों व महिलाओं की एनीमिया जांच तथा आवश्यकतानुसार आयरन सप्लीमेंट टैबलेट का नियमित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर महिलाओं को पोषण के प्रति जागरूक करें और महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग महिलाओ को बच्चों के लिए पोषक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने में करने के लिए कहा।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों की प्रगति, बच्चों की दर्ज संख्या, उन्हें दी जा रही सुविधाएं, वजन मशीन की उपलब्धता, आंगनबाड़ी की मरम्मत एवं भवन की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने सभी आंगनबाड़ियों में नियमित सीखने संबंधी गतिविधियां (एक्टिविटी) संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही बेहतर पोषण के लिए कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एंबुलेंस सुविधा को दूरस्थ क्षेत्रों तक सुदृढ़ करने, गर्भवती महिलाओं, गंभीर रोगियों सहित सभी मरीजों के लिए हर समय एंबुलेंस की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के पंजीयन, महतारी वंदन योजना के म-ज्ञल्ब्, मिशन वात्सल्य, एकीकृत बाल संरक्षण योजना तथा बाल विवाह मुक्त अभियान के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही की प्रगति की भी समीक्षा की।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को पल्स पोलियो अभियान की जानकारी ली साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गर्भवती महिलाओं के आवश्यक मेडिकल टेस्ट, तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने हेतु ठोस कार्ययोजना बनाकर गंभीर प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में पालना केंद्र की स्थापना, चिरायु योजना, टेलीमेडिसिन की समीक्षा की तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव, सभी स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी व आईपीडी, तथा शत-प्रतिशत ।छब् पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग द्वारा टूल किट उपलब्ध कराई जा रही है। इन्हें विशेष रूप से चिन्हित कर उनके घरों पर विशेष चिन्ह (सूर्य की आकृति) बनाकर पहचान की जा रही है, ताकि उन्हें प्राथमिकता के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाया जा सके।
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