-न्यायालय परिवार की ओर से न्यायाधीशों के द्वारा बच्चों को गर्म कपड़ों का वितरण किया गया

सूरजपुर / आज ज्ञानोदय मूक-बधिर विद्यालय बिश्रामपुर में जिला न्यायालय
सूरजपुर के न्यायाधीशगणों का अत्यंत गरिमामयी आगमन संपन्न हुआ। सभी माननीय अतिथियों का
स्वागत संस्था के अध्यक्ष श्री विजय राज अग्रवाल द्वारा पारंपरिक आत्मीय एवं सम्मानपूर्ण रीति से किया गया।
स्वागत के उपरांत माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
सूरजपुर एवं उपस्थित न्यायाधीशों द्वारा विद्यालय के बच्चों को स्वल्पाहार तथा ठंड के मौसम हेतु गर्म कपड़ों
का वितरण बड़े प्रेम और आत्मीयता से किया गया।
विशेष रूप से उल्लेखनीय यह रहा कि माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदया सहित सभी
न्यायाधीशगणों ने अपने हाथों से प्रत्येक बच्चे को व्यक्तिगत रूप से स्वल्पाहार एवं गर्म कपड़े भेंट किए।
हर बच्चे तक माननीय न्यायाधीशगण स्वयं पहुॅचे – यह दृष्य विद्यालय परिसर में संवेदनशीलता, करूणा और
मानवीयता का अद्धभुत वातावरण निर्मित कर रहा था। इस कार्यक्रम में माननीय श्रीमती विनीता वार्नर, प्रधानजिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर, माननीय श्री मानेवद्र सिंह, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सूरजपुर, माननीय श्री सुमित कुमार हर्षयाना, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सूरजपुर, माननीय श्री डी.एस. बघेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरजपुर, माननीय श्रीमती रूची मिश्रा, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी सूरपजुर, माननीय श्री आशीष भगत, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी सूरपजुर, सुश्री पायल टोपनो, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी सूरपजुर/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर एवं माननीय श्री हिमांशु पाण्डा, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी सूरजपुर की गरिमामयी उपस्थिति
रही | न्यायाधीशों ने विद्यालय के विभिन्न कौशल प्रशिक्षण केन्द्रो का गहन अवलोकन किया। बच्चों
जूट क्राफ्ट, पेंसिल आर्ट, कम्प्यूटर प्रोजेक्ट, हस्तकला वस्तुएं, कला एवं संकेत भाषा आधारित
जूट क्राफ्ट की प्रशंसा करते हुए माननीय प्रधान जिला एवं घोषण की, जूट क्राफ्ट के लिए रॉ मटेरियल संस्था को उपलब्ध कराया जायेगा, ताकी बच्चे और भी उत्कृष्ठ एवं गुणवत्तपूर्ण कार्य कर सकें।
सत्र न्यायाधीश महोदया श्रीमती विनीता वार्नर ने
सास्कृतिक प्रस्तुति बच्चों की प्रतिभा का प्रेरक प्रदर्शन विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत संकेत-आधारित
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया। बच्चों की लय, प्रस्तुति और भाव-अभिव्यक्ति की न्यायालय परिवार ने मुक्तकंठ से प्रसंशा की ।
संस्था के अध्यक्ष श्री विजय राज अग्रवाल ने विद्यालय की उपलब्धियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं
श्रवण बाधित बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी। उन्होने कहा की
ज्ञानोदय विद्यालय का उद्धेश्य है कि प्रत्येक श्रवण बाधित बच्चा आत्मनिर्भर बने और सम्मानजनक जीवन जी सके। न्यायालय परिवार का सहयोग हमारे मिशन को और सशक्त बनाता है। न्यायाधीशगणों के आशीर्वचन समापन पर सभी न्यायाधीशगणों ने विद्यालय की अनुशासित व्यवस्था, संवेदनशील वातावरण,गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों की प्रगति एवं सस्था के सामाजिक योगदान की प्रशंसा की।

What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

