छत्तीसगढ़ राज्योत्सव पर सूरजपुर में तीन दिवसीय कार्यक्रम में झलकेगी सांस्कृतिक विरासत

Chattisgarh News Surajpur

लोक गायक संजय सुरीला, स्तुति जायसवाल व सुनील मानिकपुरी देंगे शानदार प्रस्तुति

स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित होगा जिला स्तरीय कार्यक्रम

सूरजपुर/31 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत महोत्सव के अवसर पर सूरजपुर जिले में 02 नवंबर से 04 नवंबर तक तीन दिवसीय जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सूरजपुर के बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के समीप स्थित स्टेडियम ग्राउंड में संपन्न होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कला और परंपरा की मनमोहक झलक देखने को मिलेगी।
राज्योत्सव के इस आयोजन में प्रदेश व सरगुजा संभाग के सुप्रसिद्ध लोक कलाकार एवं लोकप्रिय गायक अपनी प्रस्तुतियों से समूचे जिले को संगीतमय बना देंगे। कार्यक्रम के पहले दिन 02 नवंबर को ’’लव मी इंडिया’’ फेम गायिका सुश्री स्तुति जायसवाल, 03 नवंबर को ’’हाय रे सरगुजा नाचे’’ फेम गायक श्री संजय सुरीला, और 04 नवंबर को ’’हमर पारा तुहर पारा’’ फेम गायक श्री सुनील मानिकपुरी अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे।
कार्यक्रम में लोक कलाकारों के साथ-साथ जिले के शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विद्यार्थी भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। जिले के 57 शैक्षणिक संस्थानों जिनमें एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड, स्वामी आत्मानंद विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, छात्रावास, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, नर्सिंग कॉलेज सहित शासकीय व अशासकीय स्कूलों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं, वे पारंपरिक नृत्य एवं लोकनृत्य प्रस्तुतियों से राज्योत्सव अपनी छंटा बिखेरेंगे।

इस अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े होगीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिले के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, सहित श्री रामसेवक पैकरा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम, श्री चिन्तामणि महाराज, सांसद सरगुजा, श्री भूलन सिंह मराबी, विधायक प्रेमनगर, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, विधायक प्रतापपुर, श्रीमती चन्द्रमणी पैकरा, अध्यक्ष जिला पंचायत सूरजपुर; एवं जिले की नगरीय निकायों व जनपद पंचायतों के अध्यक्षगण भी शामिल होंगे।

सूरजपुर कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे छत्तीसगढ़ राज्य के रजत महोत्सव पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोककला और परंपराओं का आनंद लें। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी है।

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