कई गांवों में आज भी मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे लोग -रगदा
VOC24.NEWS मंजु राजवाड़े
सूरजपुर – जिले के भैयाथान जनपद पंचायत के अंतर्गत ऐसे कई ग्राम पंचायत हैं जो मोबाइल नेटवर्क या कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्राम पंचायत रगदा, चोपन ,कुसमुसी, आदि कई गांवों में आज भी मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिविटी नहीं मिलने से ग्रामीण परेशान|
गांव में लगे मोबाइल टावर Jio जिसका कवरेज नहीं होने के कारण हाल ही में एक
गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में या जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। साथ ही परेशानियों के समय जननी एक्सप्रेस और एंबुलेंस बुलाने में आती है परेशानी
अधिकांश अंचलों में नेटवर्क कवरेज नहीं होने से ऑनलाइन सेंटर भी नहीं चल पा रहे हैं
ब्लाक के कई गांवों में आज भी मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिविटी नहीं मिलने से ग्रामीण परेशान है। सोशल मीडिया और संचार क्रांति के इस दौर में मोबाइल नेटवर्क के अभाव में शासन की ऑनलाइन योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। जननी एक्सप्रेस, 108 एंबुलेंस और 100 डायल की जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को नेटवर्क की तलाश में भटकना पड़ता है। निजी कंपनी का टावर Jio आए दिन बंद होने से उपभोक्ता परेशान होते है। सहित आसपास के गांवों में मोबाइल नेटवर्क चुनौती बना हुआ है। आधुनिकता की इस दौर में गांव-गांव मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने के दावे यहां खोखले साबित हो रहे है। ग्राम पंचायतों में भी नेट की सुविधा नहीं होने से ऑनलाइन योजनाओं के लाभ से ग्रामीण वंचित है। सूरजपुर जिले के ऐसे कई ग्राम सहित अन्य गांव पहाड़ी क्षेत्र से घिरा होने के कारण दूर-दूर तक मोबाइल टॉवर नहीं मिलता है। ग्रामीणों ने बताया कि दिन के समय अगर किसी को बहुत जरूरी बात करनी हो तो गांव से बाहर जाना पड़ता है। रात के समय कोई इमरजेंसी होने पर सुबह का इंतजार करना पड़ता है।
सबसे ज्यादा दिक्कत बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस और एंबुलेंस बुलाने में आती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसे हालात रहे तो डिजीटल इंडिया का सपना कैसे पूरा होगा। गांव के सरपंच एवं पंचायत सचिव और गांव के ग्रामीण मोतीराम, रामकेश्वर यादव,राजेश राजवाड़े, श्याम दास राजवाड़े, ओमप्रकाश राजवाड़े ने बताया कि सड़क किनारे तो बीएसएनएल, वोडा, जियो, एयरटेल के कनेक्शन मिलते हैं। लेकिन कई गांवों में इन कंपनियों के मोबाइल धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कभी नेटवर्क आ जाता है तो कभी बिल्कुल नेटवर्क नहीं मिलता है।
ऑनलाइन कार्यों में नेटवर्क नहीं मिलने से ओटीपी मैसेज, हितग्राही व ग्राहक परेशान
केंद्र और राज्य की अनेक योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी से लेकर समर्थन मूल्य पर बेची जाने वाली उपज आदि की जानकारी के लिए मोबाइल पर ओटीपी और मैसेज आते है। क्षेत्र में नेटवर्क नहीं मिलने से हितग्राहियों और ग्रामीणों को परेशानी होती है। एक ओर जहां सरकार ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा दे रही है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल और नेटवर्क ही नहीं मिल पा रहा है।
परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन फार्म भरने में परेशानी
विभिन्न परीक्षाओं और योजनाओं की प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है। क्षेत्र के ना रिजल्ट में अधिकांश अंचलों में नेट नहीं चलने से ऑनलाइन सेंटर भी नहीं चल पा रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन बैकिंग, बिजली के बिल जमा करने सहित अन्य जरूरी कार्य नहीं हो पा रहे है। साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर भी नहीं मिल पा रहे है। कई गांवों में तो मोबाइल का कवरेज मिलना बंद हो जाता है, लोगों को आपात स्थिति में परेशानी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि इन क्षेत्रों में लगे टावरों की कनेक्टिविटी बढ़ाई जानी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगे प्राइवेट कंपनियों के टावरों की कनेक्टिविटी नहीं होने से असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इन प्राइवेट कंपनियों के अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

