रामानुजनगर अस्पताल की व्यवस्था बनी जीवन रक्षक

Chattisgarh Surajpur

सर्पदंश बाद तुरंत पहुंचे अस्पताल, झाड़-फूंक या देरी हो सकती है जानलेवा-डॉ. प्रियंका शर्मा

सूरजपुर/vocg.24/ ग्राम कौशलपुर के निवासी इंद्रपाल को सफाई करते समय एक ज़हरीले सांप ने उन्हें काट लिया। इंद्रपाल ने जैसे ही सांप के काटने का एहसास किया, उन्हें तुरंत बिना देरी किए रामानुजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते ही उपस्थित चिकित्सकों ने बिना देरी किए इलाज शुरू किया। उन्हें त्वरित रूप से एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाया गया और मेडिकल ऑब्ज़र्वेशन में रखा गया। अब इंद्रपाल सुरक्षित और पूरी तरह ठीक हैं। समय की इसी सतर्कता ने उनकी जान बचा ली। सही समय पर सही फैसला बना जीवन रक्षक व अस्पताल की तत्परता बनी मिसाल।
 
रामानुजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. प्रियंका शर्मा ने कहा कि “हमने रामानुजनगर अस्पताल को इस तरह तैयार किया है कि किसी भी आपात स्थिति में बिना किसी देरी के इलाज शुरू हो सके। मेरी अपील है कि यदि कभी भी किसी को सांप काटता है, तो वह तुरंत अस्पताल पहुंचे। झाड़-फूंक या देरी जानलेवा हो सकती है।

इंद्रपाल का संदेशः ‘डरें नहीं, अस्पताल ही एकमात्र रास्ता है’
इंद्रपाल ने अब स्वस्थ होकर अपने अनुभव साझा किए और कहा,
“अगर मैं झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ता, तो आज शायद मैं जिंदा न होता। डॉक्टरों ने सही समय पर इलाज किया। सभी ग्रामीणों से मेरी अपील है कि ऐसी स्थिति में सीधे अस्पताल जाएं।”

जिला प्रशासन द्वारा अपील है कि सर्पदंश की घटना होने पर झाड़-फूंक से मरीज को ठीक कराने के चक्कर में न रहें बल्कि मरीज को उपचार के लिए तत्काल निकटतम अस्पताल लाने का प्रयास करें। सांप के काटने पर झाड़-फूंक से नहीं बल्कि एंटी-वेनम इंजेक्शन से ही मरीज की जान बचायी जा सकती है। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं दूरस्थ क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटी-वेनम इंजेक्शन उपलब्ध है।

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