
करंजी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को नई दिशा देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने में ग्राम पंचायत करंजी की स्वच्छता ग्राही दीदियाँ मिसाल पेश कर रही हैं। गाँव की गलियों से लेकर घर-घर तक कचरा संग्रहण और साफ-सफाई के प्रति उनकी सक्रियता अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
ई-रिक्शा से घर-घर कचरा संग्रहण*
हाल ही में सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि स्वच्छता दीदियाँ ई-रिक्शा (Masto) के माध्यम से गाँव के कोने-कोने में पहुँच रही हैं। यह न केवल कचरा प्रबंधन को आधुनिक बना रहा है, बल्कि महिलाओं को सशक्त भी कर रहा है। दीदियों द्वारा गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है, जिससे ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को धरातल पर मजबूती मिल रही है।
महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता का संगम*
स्वच्छता ग्राही दीदियों के इस जज्बे ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो गाँव की तस्वीर बदली जा सकती है। गाँव के निवासियों का कहना है कि:
“दीदियों के नियमित आने से गाँव में गंदगी कम हुई है और बीमारियों का खतरा भी टला है। उनका यह कार्य वास्तव में सराहनीय है।”
प्रमुख बिंदु:
आधुनिक संसाधन: कचरा संग्रहण के लिए ई-रिक्शा का प्रभावी उपयोग।
- जागरूकता: ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना।
- अनुशासन: नियमित रूप से सेवा देकर गाँव को स्वच्छ बनाए रखना।
ग्राम पंचायत करंजी की ये स्वच्छता सेनानी आज समाज के लिए प्रेरणा बन गई हैं। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी उनके इस समर्पण की प्रशंसा की है।

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