जांजगीर-चांपा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), जांजगीर में पांच दिवसीय ‘एफ.एल.एन. (FLN) सह नवीन पाठ्यपुस्तक’ आधारित बीआरजी (BRG) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार की गई नवीन पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना था।
परिवेश से जोड़कर सीखेंगे बच्चे: प्राचार्य बी.पी. साहू
प्रशिक्षण के समापन सत्र को संबोधित करते हुए डाइट प्राचार्य श्री बी.पी. साहू ने कहा कि नवीन पाठ्यपुस्तकों में बच्चों को सीखने के पर्याप्त अवसर दिए गए हैं। उन्होंने जोर दिया कि विषयवस्तु को बच्चों के घर और परिवेश से जोड़ा गया है ताकि वे सहजता से ज्ञान प्राप्त कर सकें। श्री साहू ने बच्चों के नैतिक विकास को शिक्षकों की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
2026-27 से कक्षा चौथी की पुस्तकें भी बदलेंगी
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और राज्य की नई पाठ्यचर्या के अनुरूप पाठ्यपुस्तकों में बदलाव किया जा रहा है।
- सत्र 2025-26: कक्षा पहली, दूसरी और तीसरी की पाठ्यपुस्तकों में बदलाव किया गया है।
- सत्र 2026-27: प्राथमिक विद्यालय की कक्षा चौथी की पाठ्यपुस्तकों को बदला जाएगा।
विषय आधारित और गतिविधि मूलक शिक्षण
पांच दिनों तक चले इस शिविर में गणित, हिंदी, अंग्रेजी, पर्यावरण और कला जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा हुई:
- थीम आधारित पाठ: पाठों के महत्व और ‘लर्निंग अप्रोच’ को समझाया गया।
- भाषा एवं मूल्यांकन: भाषा सिखाने के आधुनिक तरीकों और आकलन/मूल्यांकन प्रणाली पर विस्तार से चर्चा हुई।
- गतिविधि आधारित शिक्षा: खेल-खेल में बच्चों को पाठ्यवस्तु से जोड़ने के गुर सिखाए गए।
- कला एवं नैतिकता: संगीत, नृत्य, दृश्य कला और रंगमंच के माध्यम से शिक्षण को प्रभावी बनाने का प्रदर्शन किया गया।
मास्टर ट्रेनर्स (DRG) ने दी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण में डीआरजी टीम के गोवर्धन चंद्रा, पुष्पेंद्र कश्यप, रश्मि दुबे, अलकीन खान, बबिता कुर्रे, रामेश्वर आदित्य, रमेश चंद्रा, चंचला चंद्रा, रामलाल केंवट, गबेल सर और जिवेंद्र चौहान ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया। यह प्रशिक्षित बीआरजी अब आगामी दिनों में अपने-अपने विकासखंडों और जोनों में जाकर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे।
समापन सत्र में ये रहे उपस्थित
समापन अवसर पर सहायक प्राध्यापक एवं एफएलएन प्रभारी बी.पी. जायसवाल, प्रतिमा साहू, उमाशंकर राठौर और मुनीर सर ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के चयनित बीआरजी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से राजेश कंवर, शरद चतुर्वेदी, धरमदास मानिकपुरी, शीला शर्मा, ईश्वर राठौर, दीपमाला सराफ, निहारिका साहू, ममता जायसवाल सहित अन्य शिक्षक शामिल थे।
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