सूरजपुर// राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक ग्राम में उल्लास मेला आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, रायपुर द्वारा 12 जनवरी 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के उन व्यस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्होंने औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की है। राज्य में वर्ष 2023 से प्रारंभ इस कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक लगभग 10 लाख नव साक्षर साक्षर हो चुके हैं, जिन्हें एनआईओएस के माध्यम से प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए हैं।
गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले उल्लास मेले में बुनियादी साक्षरता, संख्याज्ञान, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य साक्षरता एवं जीवन कौशल से संबंधित विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों का निर्माण एवं संचालन नव साक्षर, स्वयंसेवक एवं शिक्षार्थियों द्वारा किया जाएगा, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
निर्देशानुसार मेला ध्वजारोहण कार्यक्रम के पश्चात् आयोजित किया जाएगा। ग्राम प्रभारी द्वारा स्टॉल संचालन की पूर्व तैयारी कराई जाएगी तथा दो दिन पूर्व मेले का डेमो अनिवार्य रूप से किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ उल्लास शपथ के साथ होगा। आवश्यकता अनुसार सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं फूड स्टॉल भी लगाए जा सकेंगे।
उल्लास मेला केवल 26 जनवरी तक सीमित न रहकर आगामी राष्ट्रीय पर्वों, त्योहारों एवं महत्वपूर्ण दिवसों पर भी आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया, टीवी, रेडियो एवं अन्य माध्यमों से किया जाएगा। आयोजन से संबंधित समस्त जानकारी 10 फरवरी 2026 तक जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण कार्यालय को भेजी जाएगी।
उल्लास मेला नव साक्षरों को शिक्षा के साथ-साथ जीवनोपयोगी कौशलों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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