कृषि में एआई के योगदान पर महाविद्यालय में एक दिवसीय सेमीनार आयोजित

Chattisgarh Surajpur

सूरजपुर/26 सितंबर 2025/ आज रेवती रमण महाविद्यालय मे कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका विषय पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. संतोष कुमार सिन्हा राजमोहनी देवी कृषि महाविद्यालय अम्बिकापुर सरगुजा एवं डॉ. दुर्गेश महंत्रो अगासे सहायक प्राध्यापक प्राणीशास्त्र शासकीय जे.एस.टी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालाघाट मध्यप्रदेश उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे के संरक्षण में यह कार्यक्रम सी-कॉस्ट कोऑर्डिनेटर वनस्पति विभागाध्यक्ष श्री टी.आर. राहगंडाले की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. संतोष कुमार सिन्हा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधुनिक कृषि में एक क्रान्तिकारी बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि एआई तकनीक के माध्यम से किसानों को फसल उत्पादन सिंचाई प्रबन्धन रोग नियन्त्रण और फसल पूर्वानुमान में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। डॉ. दुर्गेश महंत्रो अगासे ने कहा कि एआई आधारित तकनीकों से किसानों को उन्नत बीज चयन मृदा स्वास्थ्य विश्लेषण और स्वचालित सिंचाई प्रणालियों में मदद मिलती है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे ने कहा कि एआई तकनीक के उपयोग से सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। इस कार्यक्रम में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें निहिरा किशोर – प्रथम, निशा राजवाडे़ – द्वितीय एवं दिव्या सिंह – तृतीय स्थान प्राप्त किये। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और व्याख्यान के अन्त में विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का निराकरण किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण/कार्मचारी एवं भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ सांईस एंड टेक्नोलॉजी, रायपुर द्वारा प्रायोजित किया गया। डॉ. अखिलेश त्रिपाठी साइंटिस्ट ए एवं स्टेट कोऑर्डिनेटर सी-कॉस्ट रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा कार्यक्रम में सहयोग प्रदान किया गया।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *