सूरजपुर/16 सितंबर 2025/ शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में अंतर्राष्ट्रीय ओजोन दिवस का आयोजन प्राचार्य श्री अमित सिंह बनाफर की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती शालिनी शांता कुजूर के द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि कि आज के दिन 16 सितंबर को पूरे विश्व में ओजोन दिवस के रूप में मनाया जाता है। ओजोन परत के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय ओजोन दिवस घोषित किया गया है। ओजोन परत को नष्ट करने वाले पदार्थ के लिए कनाडा के मॉन्टियल प्रोटोकॉल पर 16 सितंबर 1987 को हस्ताक्षर किए जाने की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन ओजोन परत के महत्व को बताने एवं लोगों में जागरूकता बढ़ाने, इसके क्षय करने वाले पदार्थों के उपयोग को कम करने के प्रयासों पर जोर देने के लिए मनाया जाता है। ओजोन परत पृथ्वी पर जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से हमें बचाती है। अगर सूर्य की पराबैंगनी किरणें सीधे धरती पर आती हैं तो इससे समुद्री जीव खत्म हो जाएंगे ,साथ ही मनुष्य में त्वचा कैंसर, त्वचा में जलन त्वचा संबंधी बीमारियां ,अंधापन, जीन संरचना में परिवर्तन, प्रतिरक्षा तंत्र क्षीण, समय से पूर्व बुढ़ापा आदि समस्याएं उत्पन्न होंगें। भूमंडल पर वर्षा का पैटर्न बदल जाता है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री. जफीर के द्वारा बताया गया कि समताप मंडल में ओजोन गैसों की एक परत है जिसे ओजोन (ओ 3) परत कहा जाता है । यह परत सूर्य से आने वाली पराबैंगनी विकिरणों को पृथ्वी की धरातल पर आने से रोकती है यदि यह किरणें पृथ्वी के धरातल तक पहुंच जाए तो वनस्पतियां फसलें एवं प्राणियों को हानि पहुंचाएंगी, सर्वप्रथम वनस्पतियां झुलस जाएंगे । मनुष्य को अनेक गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ेगा। हमें ओजोन क्षरण करने वाले पदार्थाे का उपयोग कम करना होगा। साथ ही उन्होंने बताया कि सीएफसी ,एचएफसी हेलोन ,टेट्राक्लोराइड और मिथाइल क्लोरोफॉर्म जैसी गैसें ओजोन परत का क्षरण का कारक हैं। धन्यवाद यापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं सहायक अध्यापक श्रीमती अंजना, डॉ. गीता सोनी, कार्यालय स्टाफ श्री वीरेन्द्र सिन्हा, श्री ताराचंद साहू, श्री अशोक कुमार राजवाड़े, श्री दिनेश कुमार लकड़ा, हेमंत नाविक, जय कुमार उपस्थित रहे।

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