शिक्षक और पालक मिलकर बनाएं बच्चों का उज्जवल भविष्यः जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले

Surajpur

पालक-शिक्षक सम्मेलन में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया जोर

सभी विद्यालयों में जिला स्तरीय पालक-शिक्षक सम्मेलन का किया गया आयोजन

सूरजपुर,– रजत जयंती वर्ष 2025-26 के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बतरा, भैयाथान में आयोजित पालक-शिक्षक सम्मेलन में जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले ने सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य, शिक्षा की गुणवत्ता सुधार तथा परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने हेतु शिक्षक, बालक एवं पालक की सक्रिय सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।

श्री पाटले ने पालकों से अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में पूर्ण रूप से सहभागी बनने की अपील करते हुए कहा कि केवल शिक्षक नहीं, बल्कि पालकों की भूमिका भी बच्चों के सर्वांगीण विकास और अच्छे परीक्षा परिणाम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अनुशासन, आत्मविश्वास और संवाद कौशल से सुसज्जित करना समय की मांग है।

पालकों को किया जागरूक
सीईओ श्री पाटले ने कहा कि शासन ने पालकों और शिक्षकों के बीच संवाद का साझा मंच दिया है, जिसका सभी को भरपूर लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने पालकों को अपने बच्चों की पढ़ाई, दिनचर्या और परफॉर्मेंस पर शिक्षकों से चर्चा करने, मोबाइल एवं नशापान जैसी बुरी आदतों से बच्चों को दूर रखने और उन्हें खेल, संगीत, पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की सलाह दी।जिला पंचायत सीईओ ने पालकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता तभी बढ़ सकती है जब शिक्षक, पालक और विद्यार्थी तीनों की सहभागिता सुनिश्चित हो।

श्री पाटले ने पालकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के अध्ययन एवं परफॉर्मेंस के संबंध में शिक्षकों से नियमित रूप से संवाद करें। पालक बच्चों की दैनिक दिनचर्या से शिक्षकों को अवगत कराएं ताकि उनके विकास में सामूहिक प्रयास हो सके। बच्चों में आत्मविश्वास का विकास आवश्यक है ताकि वे अपनी पढ़ाई से जुड़ी समस्याएं बेहिचक अपने शिक्षक या माता-पिता से साझा कर सकें।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में मोबाइल और नशे जैसी बुरी आदतों की ओर बच्चों का झुकाव बढ़ता जा रहा है, जिससे उन्हें बचाना अभिभावकों और शिक्षकों की जिम्मेदारी है। इसके लिए बच्चों को खेलकूद, संगीत, पेंटिंग एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए ताकि वे मल्टीटैलेंटेड बन सकें।उन्होंने पालकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के खेलने-पढ़ने का समय सुनिश्चित करें और उन्हें टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करें।

शिक्षकों को निर्देश
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को पूरी क्षमता से पढ़ाएं और परीक्षा परिणाम पर नियमित चर्चा करते हुए उनकी कमजोरी एवं उपलब्धियों को चिह्नांकित कर सुधार की दिशा में कार्य करें। सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से बच्चों को बचाने और इंटरनेट का सकारात्मक उपयोग कराने की भी सलाह दी गई।

नशा मुक्ति की दिलाई शपथ
इस अवसर पर उपस्थित सभी पालकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को नशा मुक्ति के लिए सामूहिक संकल्प भी दिलाया गया। कार्यक्रम में बतरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. जे. बी. सिंह ने भी पालकों एवं शिक्षकों को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक विकास के विषय में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने नशे की लत के खतरों से सावधान करते हुए बच्चों को अच्छे संस्कार और स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

बच्चों की प्रतिभा को मिला प्रोत्साहन
सम्मेलन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के पालकों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही, जिला पंचायत सीईओ ने बच्चों के द्वारा प्रस्तुत विभिन्न प्रोजेक्ट्स और कलाकृतियों का अवलोकन कर उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।

जिले के 241 संकुलों में पालक-शिक्षक बैठक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पालकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। समापन पर श्री पाटले ने सभी से अपील की कि वे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षक-पालक समन्वय को सशक्त बनाएं और साझा प्रयास से विद्यालय के परीक्षा परिणाम को उत्कृष्ट बनाएं।

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