खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए गिरदावरी कार्य हेतु कलेक्टर ने दिए निर्देश

Surajpur

15 अगस्त से 30 सितंबर तक किए जाएंगे गिरदावरी कार्य

सूरजपुर/23 जुलाई 2025/  आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान, मक्का एवं पीएसएस योजना अंतर्गत उड़द, मूंग तथा अरहर की खरीदी की जाएगी। इस प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समस्त कलेक्टरों को गिरदावरी और ई-गिरदावरी कार्य शत-प्रतिशत त्रुटिरहित रूप से संपन्न करने के निर्देश दिए हैं।
 इसी क्रम में कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने निर्देश दिए हैं कि गिरदावरी कार्य के लिए ग्रामवार एवं ग्राम पंचायतवार कार्यक्रम निर्धारित किया जाएगा। इस कार्य की सूचना ग्रामवासियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को पूर्व सूचना देने, गिरदावरी कार्य हल्का पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण उद्यानिकी विस्तार अधिकारी एवं पंचायत सचिव की संयुक्त टीम द्वारा संपन्न करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि गिरदावरी से पूर्व संबंधित गांव में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराई जाएगी तथा पटवारी ग्राम वार पंचनामा तैयार करेंगे। फसल विवरण खसरा पांचसाला एवं भुइयां सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक ग्राम में फसलवार और किसान वार विवरण संकलित कर ग्राम पंचायत में प्रकाशित किया जाएगा, जिससे दावा-आपत्ति प्राप्त की जा सके।

राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों का होगा सुधार

गिरदावरी के दौरान हल्का पटवारी अपने हल्के का भ्रमण कर अभिलेखों में अंकित भू-स्वामी एवं अन्य विवरण की जांच करेंगे। त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों का सुधार, खसरों का संकलन एवं विलोपन नियमानुसार किया जाएगा। खरीफ फसलों के लिए दुरुस्ती की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर और रबी फसलों के लिए 28 फरवरी निर्धारित की गई है।

जियो रेफ्रेंसिंग ग्रामों में डिजिटल माध्यम से होगा गिरदावरी

जिन ग्रामों में जियो रिफ्रेंसिंग कार्य पूर्ण हो चुका है, वहां मोबाइल एप के माध्यम से शिक्षित स्थानीय युवकों द्वारा फसलों की फोटो, नाम एवं क्षेत्रफल की प्रविष्टि की जाएगी। यह कार्य 15 अगस्त से 30 सितंबर के मध्य पूरा किया जाएगा। जिन ग्रामों में यह कार्य शेष है, वहां पूर्ववर्ती प्रणाली अनुसार पटवारी खेतों में जाकर गिरदावरी कार्य करेंगे।
इसके अलावा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। गिरदावरी की पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए जुलाई माह में राजस्व, पंचायत, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को तहसील स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार है:-

गिरदावरी पूर्ण कर खसरा एवं सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि खरीफ 30 सितंबर, रवी 31 जनवरी। ग्रामवार फसल क्षेत्राच्छादन प्रतिवेदन का प्रारंभिक प्रकाशन खरीफ 1 अक्टूबर रवी 1 फरवरी। ग्राम में फसलवार / कृपकवार फराल क्षेत्राच्छादन का प्रकाशन कर दावा आपत्ति प्राप्त करने की अंतिम तिथिः खरीफ 10 अक्टूबर रबी 10 फरवरी,  दावा आपत्ति का निराकरण करने की अंतिम तिथिः खरीफ 15 अक्टूबर रबी 15 फरवरी और दावा आपत्ति अनुसार खसरा पांचशाला तथा सॉफ्टवेयर में संशोधन करने की अंतिम तिथिः खरीफ 20 अक्टूबर एवं रबी 28 फरवरी ।

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