सेवा संकल्प अभियान में सामने आई प्रेरक कहानी
पिता कलेक्टर निवास का बगीचा संवारते रहे, बेटी किताबों से अपना भविष्य
गायत्री ने नीट में हासिल की सफलता, अब डॉक्टर बनने की ओर बढ़ाया कदम
सूरजपुर/17 सितम्बर 2026/ सेवा संकल्प अभियान समाज के हर वर्ग की मेहनत, उपलब्धियों और सपनों को सम्मान देने के साथ उन प्रेरक कहानियों को सामने लाने का माध्यम बन रहा है, जो दूसरों को आगे बढ़ने का हौसला देती हैं। अभियान की इसी भावना के बीच सामने आई है गायत्री सिंह की सफलता की कहानी, जिन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से नीट परीक्षा में सफलता हासिल की है।
कलेक्टर निवास सूरजपुर में वर्ष 2014 से माली के रूप में सेवाएं दे रहे श्री ठाकुर प्रसाद की बेटी गायत्री सिंह ग्राम नुनेरा, विकासखंड उदयपुर, जिला सरगुजा की निवासी हैं। सीमित संसाधनों के बीच पली-बढ़ी गायत्री ने पढ़ाई को अपनी ताकत बनाया और डॉक्टर बनने का सपना देखा। आज नीट में सफलता हासिल कर उन्होंने अपने सपने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। गायत्री की इस उपलब्धि से माता-पिता सहित पूरा परिवार गौरवान्वित है। वह परिवार की पहली सदस्य हैं, जो डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
कलेक्टर ने दी बधाई, आगे की पढ़ाई के लिए किया प्रोत्साहित
गायत्री की सफलता पर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने उनसे भेंट की। उन्होंने नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने पर गायत्री को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। कलेक्टर ने इस अवसर पर गायत्री को उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर से मिले प्रोत्साहन ने गायत्री के उत्साह को और बढ़ाया।
गायत्री ने दसवीं में देखा डॉक्टर बनने का सपना
गायत्री ने कक्षा पांचवीं तक की पढ़ाई झिरमिटी प्राथमिक शाला से की। इसके बाद उन्होंने मिडिल स्कूल कक्षा 6वीं से कक्षा 12वीं एकलव्य विद्यालय कक्षा छठवीं से बारहवीं तक उन्होंने सन्ना में अध्ययन किया। पढ़ाई के दौरान ही कक्षा दसवीं में उन्होंने डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय कर लिया था। कक्षा बारहवीं में बायोलॉजी विषय के साथ उन्होंने 69 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद अपने लक्ष्य को पाने के लिए उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी जारी रखी।
अपने सपने को साकार करने के लिए गायत्री ने वर्ष 2025 में भिलाई जाकर कोचिंग ली। तैयारी के दौरान उन्होंने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाया और प्रतिदिन लगभग 10 घंटे अध्ययन किया। नीट की तैयारी के दौरान उन्होंने मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। कोचिंग की पुस्तकों और अध्ययन सामग्री पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने नियमित रूप से पढ़ाई की। कठिन तैयारी के बीच उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं भटकने दिया।
गायत्री अपनी सफलता का श्रेय निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास को देती हैं। उनका कहना है कि विद्यार्थी को सबसे पहले यह तय करना चाहिए कि उसे किस क्षेत्र में आगे बढ़ना है। इसके बाद लक्ष्य को लेकर निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। वह कहती हैं कि हार या जीत की चिंता किए बिना स्वयं पर विश्वास रखते हुए मेहनत जारी रखनी चाहिए। यही निरंतर प्रयास सफलता की राह खोलती है।
नीट में सफलता की जानकारी मिलने के बाद गायत्री ने सबसे पहले अपनी मां के साथ यह खुशखबरी साझा की। बेटी की सफलता सुनकर माता-पिता सहित पूरा परिवार खुशी से भर उठा। गायत्री की माता श्रीमती कणिका सिंह आंगनबाड़ी में सहायिका के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में गायत्री के दो भाई भी हैं। बड़े भाई मुनेश्वर सिंह फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि छोटे भाई नारायण सिंह कक्षा 9वीं में अध्ययनरत हैं। एक ओर पिता ठाकुर प्रसाद वर्षों से पौधों की देखभाल कर रहे हैं, वहीं उनकी बेटी अपनी मेहनत से अपने भविष्य को आकार दे रही है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत समाज के विभिन्न वर्गों की उपलब्धियों और प्रेरक कहानियों को सामने लाने की पहल की जा रही है। इसी कड़ी में गायत्री सिंह की सफलता एक ऐसी कहानी है, जिसने परिस्थितियों को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। लक्ष्य तय किया, उसके लिए मेहनत की और नीट में सफलता हासिल की। अब उनका अगला पड़ाव डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ना है। गायत्री कहती है कि सपना चाहे कितना भी बड़ा हो, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो तो उसे हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते है।
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