
जिला जांजगीर-चांपा। चांपा के घोघरनाला क्षेत्र से जो तस्वीर सामने आ रही है वह केवल एक शिकायत नहीं बल्कि पुलिस प्रशासन की खुली नाकामी का प्रमाण है। महिलाओं की सुरक्षा जहां प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए वहीं इस क्षेत्र में खुलेआम
शराबखोरी छेड़छाड़ और अभद्रता का नंगा नाच हो रहा है—और सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है।
दिनांक 14 अप्रैल की रात लगभग 9:20 बजे हुई घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। नशे में धुत युवकों द्वारा महिलाओं के साथ गाली-गलौज और अशोभनीय हरकतें कोई पहली घटना नहीं है बल्कि यह
अब रोजमर्रा की भयावह
सच्चाई बन चुकी है। सवाल यह उठता है कि आखिर चांपा थाना प्रभारी अशोक वैष्णो की पुलिस आखिर कर क्या रही है थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
क्षेत्रवासियों का साफ कहना है
कि घोघरनाला में शराबियों का जमावड़ा कोई नई बात नहीं है। खुलेआम शराब बिक रही है, नशे में धुत युवक सड़कों पर उत्पात मचा रहे हैं, महिलाओं को परेशान कर रहे हैं—फिर भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
क्या यह पुलिस की लापरवाही है या फिर संरक्षण?
यदि थाना प्रभारी अशोक वैष्णो के नेतृत्व में कानून व्यवस्था इस कदर चरमरा गई है कि महिलाएं अपने ही घर के बाहर सुरक्षित नहीं हैं, तो यह सीधे-सीधे उनकी कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न है।
महिलाओं में डर, प्रशासन मौन
घोघरनाला की महिलाएं आज भय के साये में जी रही हैं। घर के बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा भी खतरे में है।
सबसे बड़ा सवाल जब महिलाएं लिखित शिकायत दे चुकी हैं तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं
क्या किसी बड़ी घटना का इंतजार?
प्रशासन की चुप्पी और पुलिस की निष्क्रियता यह संकेत दे रही है कि शायद किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किया जा रहा है।
क्या महिलाओं की अस्मिता से खिलवाड़ के बाद ही पुलिस जागेगी?
जनता का अल्टीमेटम
अब घोघरनाला के लोगों ने साफ चेतावनी दे दी है तुरंत पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लग
असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी हो
थाना प्रभारी के खिलाफ जवाबदेही तय हो
जनाक्रोश फूटने की कगार पर
अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला केवल एक मोहल्ले तक सीमित नहीं रहेगा। जनाक्रोश सड़क पर उतर सकता है और इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।

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