छत्तीसगढ़: संकट में हजारों बच्चों का भविष्य; निजी स्कूलों ने किया RTE एडमिशन का ‘बहिष्कार’

Chattisgarh News Surajpur

रायपुर -छत्तीसगढ़ के शिक्षा क्षेत्र से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। प्रदेश के निजी स्कूलों ने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत होने वाले प्रवेशों का पूर्णतः बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए साफ कर दिया है कि इस सत्र में वे RTE के तहत बच्चों को प्रवेश देने की प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेंगे।

क्या है पूरा विवाद?
निजी स्कूलों की नाराजगी का मुख्य कारण प्रतिपूर्ति राशि में बढ़ोतरी न होना है। एसोसिएशन का कहना है कि:

शासन द्वारा प्रति छात्र दी जाने वाली राशि वर्तमान महंगाई के हिसाब से बेहद कम है।
स्कूलों के संचालन का खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन विभाग ने लंबे समय से दरों में संशोधन नहीं किया है।
बीते कई वर्षों से शासन और शिक्षा विभाग के समक्ष मांग रखने के बावजूद, उन्हें केवल आश्वासन मिला है, समाधान नहीं।
“अनदेखी ने किया मजबूर”
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही अनदेखी के चलते उन्हें यह बड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है। स्कूलों का तर्क है कि बिना पर्याप्त आर्थिक सहयोग के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना अब उनके लिए संभव नहीं रह गया है।

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