कलेक्टर ने ली स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठकआंगनबाड़ी संचालन व बाल विवाह रोकथाम पर कड़े निर्देश

Chattisgarh News Surajpur

सूरजपुर// कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं, पोषण कार्यक्रम, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेते हुए भवन मरम्मत कराने, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने तथा रेडी-टू-ईट आहार का मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र समय पर नहीं खुलने या सुविधाओं में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। केंद्र नहीं खोले जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही केंद्रों के संचालन की स्थिति एवं रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।
बैठक में बाल विवाह रोकथाम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि इस कानून के उल्लंघन पर दो वर्ष की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
पोषण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कुपोषित एवं गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की जानकारी ली गई और विभागों को समन्वय के साथ कार्य कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन, सुकन्या समृद्धि योजना तथा नवा बिहान योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सभी हितग्राहियों के आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड बनवाने तथा बच्चों को शराब एवं तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान किशोर न्याय बोर्ड की गतिविधियों की भी जानकारी ली गई।

               स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओं को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओ की जानकारी ली। इस दौरान हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों, एनीमिया पीड़ित मरीजों, रक्त आधान आवश्यकता, सोनोग्राफी सुविधा, शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर चर्चा की गई। गर्भवती महिला पंजीयन, परिवार नियोजन जागरूकता एवं नसबंदी लक्ष्य अनुसार कार्य करने को कहा गया। एनीमिया मुक्त भारत अभियान, टीकाकरण, राष्ट्रीय अंधत्व निवारण, ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस), गैर संचारी रोग रोकथाम, ओरल कैंसर स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा कायाकल्प कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने सभी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस दौरान महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के समस्त जिलास्तरीय अधिकारी एवं चिकित्सक सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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