मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले में दिवंगत श्री दिनेश मिरानिया के पार्थिव शरीर को दिया कंधा, अंतिम संस्कार में शामिल होकर दी श्रद्धांजलि

Chattisgarh

छत्तीसगढ़:- रायपुर निवासी स्टील कारोबारी दिनेश मिरानिया की जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में दुखद मृत्यु हो गई। यह घटना उस समय हुई जब वे अपने परिवार के साथ शादी की सालगिरह मनाने के लिए बैसरन घाटी गए थे। आतंकियों ने उनकी पत्नी, बेटे और बेटी की आंखों के सामने उन्हें गोली मार दी। हमले के दौरान उनकी पत्नी नेहा वॉशरूम में थीं और बेटा शौर्य पास के फूड स्टॉल में गया हुआ था, जिससे वे हमले से बच गए।

दिनेश मिरानिया का पार्थिव शरीर बुधवार देर रात दिल्ली से फ्लाइट द्वारा रायपुर लाया गया। एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। डिप्टी सीएम अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा समेत कई नेताओं ने शव को कंधा दिया। गुरुवार सुबह समता कॉलोनी से मारवाड़ी श्मशान घाट तक अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कारोबारी के बेटे शौर्य ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने “दिनेश मिरानिया अमर रहें” के नारे लगाए और पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में दिवंगत प्रदेश के कारोबारी श्री दिनेश मिरानिया के अंतिम संस्कार में शामिल होकर पार्थिव शरीर को कंधा दिया। उन्होंने स्वर्गीय श्री दिनेश मिरानिया के पार्थिव देह पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और ईश्वर से मृतात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। श्री साय ने शोकाकुल परिवारजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री मिरानिया के पावन स्मृतियों को सहेजने और चिर स्थायी बनाने लिए सरकार किसी सड़क या चौक को उनके नाम पर करने की बात कही।

श्री साय ने कहा कि आतंकवादियों की इस कायराना हरकत ने देश की आत्मा पर चोट किया है। पूरे प्रदेश के लिए भी यह दुख और पीड़ा का क्षण है।  घिनौनी आतंकवादी घटना में प्रदेश ने अपना एक बेटा खो दिया है। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने से जम्मू कश्मीर में शांति स्थापित हुई, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिला और घाटी के विकास को गति मिली थी। आतंकवादियों ने पर्यटकों के जरिए कश्मीर और देश को अस्थिर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि पूरा देश एकजुटता के साथ इस अमानवीय कृत्य का बदला लेगा। श्री साय ने कहा कि पाकिस्तान के शह पर हुई इस हमले का अंजाम उसे भुगताना पड़ेगा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में दिनेश मिरानिया की पत्नी और बच्चों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख और मामूली घायलों को 1 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *