सुरजपूर- जब सत्ता दल किसी की बात न सुने तो मजबुरन् विपक्ष को आपना दुख दर्द सुनाना पडता है ऐसे ही एक बात सामने आई जहाँ के लोगों का कहना है की वर्तमान विधायक व महिला बाल विकास व समाज कल्याण विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाडे को कई बार् आवेदन ग्राम पंचायत कसकेला के तितरखाड मुहल्ला को आश्रित राजस्व ग्राम बनाने हेतू दे चूके है किंतु आस्वासन के आलावा कुछ नही मिळता, लोगों से बात करने से पता चला की लगभग 5 बार आवेदन दे चुके है ,ये उम्मीद से की मंत्री जी अनुसंसा कर आगे की प्रक्रिया हेतू अग्रेसित करेगी किंतु आज तक केवल निराशा ही हाथ लगी | इसी संबध मे माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ,व राजस्व मंत्री टक राम वर्मा जी के कार्यालय मे भी जाकर आवेदन दे चुके है ।किन्तु कोई कार्यवाही नही हुआ।इससे विवश होकर लगभग 50 की संख्या मे तीतरखांड मुहल्ला के नागरिकों द्वारा नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरण दास महंत के सूरजपुर प्रवास पर आवेदन पूर्व विधायक पारसनाथ रजवाड़े के अगवाई ने दिये।
क्या कहना है पारसनाथ राजवाड़े जी का – पारस नाथ राजवाड़े जी इस सम्बन्ध मे ग्रामीणों से बात करने पर बताया की राजस्व ग्राम् बनाने मे इतना दिक्कत नही है हम लोगो के सासन काल मे कई बड़े पंचायत को अलग कर नविन राजस्व पंचायत बनाये ,किन्तु वर्तमान विधायक मे अनुभव की कमी है या राजस्व ग्राम बनवाना हि नही चाह रही है इस लिए आप लोगों को गोल गोल घुमा रही है और अपनी लेटर पेड अनुसंसा हेतु पत्र लिखने को कतारा रही है।
जब बनाना होता तो कब का लेटर बना कर केंद्र सरकार मे प्रस्ताव भेज चुकी होती क्यों. को राजस्व ग्राम निर्माण जबतक विधान् सभा से प्रस्ताव केंद्र तक नही जाएगी बनेगा हि नहीं। इससे साफ मंत्री जी की कमजोरी है।
**क्या कहना है लोगों का *** लोगों का कहना है की माननीय मंत्री जी से बहुत उम्मीद था की राजस्व ग्राम बनाने मे सहयोग करेगी उनके आशवासन से रायपुर मुख्यमंत्री कार्यालय ,व राजस्व मंत्री कार्यालय तक जा कर आ गये किन्तु कोई सुनवाई नही हुआ ,लोगों का कहना है की जिस प्रकार से कसकेला मे इनको एकतरफा वोट दिये है यहां लगभग ९०% वोट बीजेपी को मिला अगर आगामी चुनाव तक कसकेला पंचायत राजस्व ग्राम नही बनता हो बीजेपी को एक वोट भी नही देने वाले है ।
इससे साफ नजर आता है की वास्तव मे तीतरखांड कसकेला मे ग्रामीण जन परेशान है इनका कोई सुनसने वाला नही है. अब देखते है की क्या इनकी समस्या का समाधान हो पता है या नही ।


