दीवारों के पार की आवाज़ – कुमार जितेन्द्र एक पत्रकार की जेल डायरी

✍️ अध्याय 1: वह दिन जब खबर, खुद खबर बन गईवर्ष 2009 — मैं उस दिन ग्राम पंचायत के कुछ खामियों को लेकर एक खबर तैयार करने गया था।वहाँ घटिया सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों की शिकायतें थीं। मैं पत्रकार के नाते सच्चाई उजागर करने पहुँचा — पर जल्द ही सबकुछ उल्टा हो गया। सरपंच […]

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